सम्मानजनक वार्ता के बाद 22 नवंबर का चक्का जाम आंदोलन स्थगित

सीसीएल प्रबंधन कारो के रैयतो को एक जगह सारी सुविधा देकर बसाये-मंत्री

एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। विस्थापित संघर्ष समन्वय समिति द्वारा नौकरी, मुआवजा एवं गांव के पुनर्वास सहित 5 सूत्री मांगो को लेकर 22 नवंबर को बोकारो जिला के हद में सीसीएल बीएंडके प्रक्षेत्र के कारो खुली खदान का चक्का जाम करने की घोषणा किया था।

क्षेत्र में होने वाले चक्का जाम आंदोलन के आलोक में 21 नवंबर को करगली स्थित ऑफिसर क्लब में विस्थापितों एवं प्रबंधन की सकारात्मक वार्ता के बाद चक्का जाम आंदोलन को स्थगित कर दिया गया।

वार्ता में झारखंड के शिक्षा मंत्री मंत्री जगन्नाथ महतो ने कहा कि विस्थापित और सीसीएल क्षेत्रीय प्रबंधन के आपसी समझौते से समस्या का निदान निकाला जाएगा। जिन 9 कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त किया गया है उसे पुनः नौकरी में जॉइनिंग दी जाए।

रैयत अजय गंजू को पुन: नौकरी में बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछरी स्थित हिंदुस्तान पुल के समीप एक ही जगह सभी रैयत को बसाया जाए। वे एक दिसंबर को उसी जगह पर रैयत और विस्थापित के साथ बैठक में उपस्थित रहेंगे। 60 रैयतों की नौकरी के लिए 120 एकड़ जमीन का कागजात प्रबंधन को जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं।

बीएंडके महप्रबंधक एमके राव ने कहा कि विस्थापितों के साथ कभी भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। विस्थापितों के साथ समन्वय स्थापित करने के बाद हीं खदान में कार्य प्रारंभ किया जाएगा। जीएम ने कहा कि कंपनी के आरआर पॉलिसी के तहत नौकरी, पुनर्वास, मुआवजा दिया जाएगा।

मौके पर एसओ पीएंडपी एसके झा, भू राजस्व पदाधिकारी बीके ठाकुर, पीओ के डी प्रसाद, विस्थापित समन्वय समिति के अध्यक्ष लखनलाल महतो, विस्थापित नेता काशीनाथ केवट, काशीनाथ सिंह, राजू महतो, लोकेश्वर महतो, धनेश्वर महतो, बिनोद कुमार, प्रताप सिंह, आदि।

केशु महतो, मेघनाथ सिंह, अशोक महतो, संजय गंजू, अजय गंजू, संजय भोक्ता, कामिनी देवी, चंद्रदेव महतो, लालमोहन, भोलू खान, दीपक महतो, सत्येंद्र यादव ,रामचंद्र यादव, रंजीत महतो, बेलाल हाशमी, परशुराम सिंह, जिबू विश्वकर्मा के अलावे दर्जनों गणमान्य मौजूद थे।

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