सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। सेल की रिमोट लोकेशन जैसे कि माइंस में काम करने वाले अधिकारियों को मिलने वाले डिफिकल्ट एरिया सबसिस्टेंस अलाउंस (डासा )के बंद किए जाने के बाद खदान में काम करने वाले अधिकारियों में काफी असंतोष देखा जा रहा है।
इसकी एक झलक 3 दिसंबर की देर शाम पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में गुवा सेल अयस्क खान के प्रशासनिक कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर देखने को मिला। जहां बड़ी संख्या में एकत्रित होकर सेल के पदाधिकारियों द्वारा कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
ज्ञात हो कि, सेल पदाधिकारियों को पहले 10 प्रतिशत डासा मिलता था, जो तृतीय पीआरसी लागू होने के बाद 8 प्रतिशत कर दिया गया था।
बताया जाता है कि इस 8 प्रतिशत डासा को भी 1 प्रतिशत करने के प्रबंधन के इस निर्णय से सेल के अधिकारियों में काफी रोष देखा गया। सेल गुवा ऑफिसर एसोसिएशन के प्रतिनिधि ने बताया कि प्रबंधन द्वारा डासा बंद करने का निर्णय बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण एवं गलत है।
उन्होंने बताया कि आज का हमारा प्रदर्शन सांकेतिक है। अगर जल्द ही इसको पुनः चालू नहीं किया गया तो आगे विश्वरूप से आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर सेल के पदाधिकारियों ने बताया कि सेल की खदान में मूलभूत सुविधाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, आवास, सूचना, आदि।
संपर्क सड़क तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के अभाव में रहते हुए भी वे रात दिन मेहनत कर सेक के उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति एवं लाभ अर्जन में अपना सकारात्मक योगदान कर रहे हैं। ऐसे में प्रबंधन का यह निर्णय सभी को हतोत्साहित करता है।
इस अवसर पर ऑफिसर एसोसिएशन अधिकारियों ने निर्णय लिया कि इसी आंदोलन एवं मुहिम के तहत काला पट्टा लगाकर विरोध जताया जाएगा। ऑफिसर एसोसिएशन के प्रतिनिधि प्रकाश चंद्र, श्यामल शाश्वत एवं आलोक यादव उपस्थित होकर कैंडल मार्च का नेतृत्व किया।
इस दौरान मौके पर दीपक प्रकाश, शशिकांत शर्मा, आलोक कुमार यादव, श्यामल धरता, स्मारक नायक, दीपक प्रकाश, एसएन पंडा सहित काफी संख्या में सेल के अधिकारीगण मौजूद थे।
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