प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। ब्रह्मविद्या विहंगम योग के सदस्यों द्वारा 28 जून को विहंगम योग के वर्तमान आचार्य सदगुरू स्वतंत्र देवजी महाराज संग सुशीला देवी माताजी की शादी की 52वीं सालगिरह को उत्सव के रूप में मनाया गया। यह उत्सव धनबाद संत समाज के स्वर्वेद प्रभारी राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव एवं ब्रह्मविद्या विहंगम योग के सदस्यों ने धूमधाम से मनाया।
इस अवसर पर धनबाद संत समाज के स्वर्वेद प्रभारी ने कहा कि ब्रह्मविद्या विहंगम योग का ज्ञान सर्वोत्तम ज्ञान है। इस ज्ञान की साधना से मन निर्मल एवं अंतः करण पवित्र हो जाता है। परमात्मा प्राप्ति की राह सुलभ हो जाता है।
अभक्ष्य पदार्थों का सेवन एवं नशा से दूरी बन जाती है। इस ज्ञान की नियमित साधना से जीवन जीने की सत्य के साथ मृत्यु की कला को भी जान लेते है। सत्य को जानने के लिए ब्रह्मविद्या विहंगम योग ज्ञान की धारा से सभी को जुड़ना चाहिए।
इस मौके पर धनबाद जिला के पूर्व संयोजक आर पी पी सिंह, सेवा प्रभारी कल्याण सिंह, यज्ञ सत्संग प्रभारी डॉ रंजीत सिंह, स्वर्वेद प्रभारी राजेंद्र श्रीवास्तव, सह प्रभारी राजकुमार सिंह, राघवेंद्र, मोहन राय, संजय पांडेय, ओ पी सिंघम, अंजू सिंह, रीता देवी, आदि।
लक्ष्मी सिन्हा, तनु श्रीवास्तव, किरण श्रीवास्तव, प्रिया, स्वीटी, अंश, अभिनंदन, अनुराग कुमार, तरुण मुखिया, अजय भगत, मारुति मिश्रा आदि गुरु भाई बहनों ने स्वामीजी के शादी के सालगिरह में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
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