सीसीएल प्रबंधन अपने हीं नियमावली का कर रही है उल्लंघन-राकोमसं

एस.पी.सक्सेना/रांची (झारखंड)। सीसीएल बोर्ड (CCL Board) द्वारा पारित निर्णय के आलोक में सीसीएल के महाप्रबंधक कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध के हस्ताक्षर से जारी पत्र में सेवा से बर्खास्त हुए श्रमिकों को पुनः बहाल करने का नियमावली जारी किया गया था।

उक्त जानकारी मजदूर संगठन इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ के सीसीएल रीजनल सचिव अजय कुमार सिंह ने 13 जुलाई को एक भेंट में कही।

उन्होंने कहा कि उपरोक्त आदेश के आलोक में सीसीएल प्रबंधन द्वारा वर्ष 2013 दिसंबर में 35 श्रमिक, वर्ष 2014 अगस्त में 30 श्रमिक तथा वर्ष 2016 मई में 57 श्रमिकों का पुनः बहाली हेतु नियुक्ति पत्र जारी किया गया था।

उसी परिप्रेक्ष्य में आज भी दर्जनों श्रमिक न्याय के इंतजार में वर्षो से हैं। सिंह के अनुसार सीसीएल प्रबंधन द्वारा 9 वर्षों से मामले को लटकाए रखा गया है। जिसमें सीसीएल के कथारा कोलियरी में कार्यरत शंकर हांसदा, बोकारो करगली क्षेत्र में कार्यरत धनेश्वर यादव पीड़ा का दंश झेल रहा है।

उन्होंने बताया कि म धनेश्वर यादव द्वारा लगातार प्रबंधन को पत्र प्रेषित कर न्याय हेतु निवेदन किया गया है, लेकिन प्रबंधन उसके मामले पर आज तक निर्णय नहीं ले कर मामले को लटकाए रखा है। अजीज होकर पीड़ित श्रमिक ने मुख्यालय पर आंदोलन कार्यक्रम की घोषणा की है।

सिंह के अनुसार लंबे समय से मामले को लटकाए रखना सीसीएल प्रबंधन द्वारा अन्याय पूर्ण कार्रवाई है। मजदूर विरोधी नीति के विरोध में पीड़ित श्रमिक को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ कटिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि इंडियन नेशनल माइंस वर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष सह बेरमो विधायक कुमार जय मंगल उर्फ अनूप सिंह ने सीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को पत्र प्रेषित कर न्याय दिए जाने के मांग की है। श्रमिक द्वारा घोषित 15 जुलाई को सीसीएल मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रम में अगर पीड़ित श्रमिक के साथ कोई अप्रिय वारदात होती है, इसकी जवाबदेही प्रबंधन की होगी।

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