गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर स्थित दि वैशाली शहरी विकास को-ऑपरेटिव बैंक सिनेमा रोड हाजीपुर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी पत्र दिनांक 13 जून 2023 के आलोक में बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत 14 जून 2023 से बैंक द्वारा सभी तरह के लेन देन पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उक्त को-ऑपरेटिव बैंक प्रबंधक समेत 11 कर्मियों के खिलाफ साढ़े 83 करोड़ गवन का मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार इस बैंक के सभी जमा धारकों को डीआईसीजीसी से 5 लाख तक की बीमाकृत राशि प्राप्त करने के लिए बीमा दावा पत्र भरने का निर्देश दिया गया।
विदित हो कि उपरोक्त बैंक की स्थापना वैशाली जिले के आरजेडी के एक कद्दावर नेता व् पूर्व मंत्री बिहार सरकार स्वर्गीय तुलसीदास मेहता ने 1997 में की थी। इसका निबंधन बिहार सहकारिता अधिनियम के अंतर्गत किया गया। दी वैशाली शहरी विकास को-ऑपरेटिव बैंक को बाद में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैंकिंग लाइसेन्स भी मिला।
शुरुआत में इस बैंक की स्थापना में जिले के कुशवाहा समाज के सदस्यों का अहम योगदान रहा, लेकिन इसका लाभ असामाजिक तबके को मिला। बैंक की वित्तीय अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उपरोक्त कदम उठाया गया। इस बैंक के वर्तमान अध्यक्ष संजीव कुमार हैं।
मिली जानकारी के अनुसार उक्त बैंक की आंतरिक जांच के बाद दी वैशाली शहरी विकास को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के आधे दर्जन से अधिक वरीय अधिकारियों की मिलीभगत से बैंक में धोखाधड़ी एवं जालसाजी कर 83.50 करोड़ रुपये का गबन करने का मामला सामने आया है, जिसकी प्राथमिकी नगर थाना हाजीपुर में कराई गई है।
प्राथमिकी बैंक के महाप्रबंधक लेखा सह सूचना प्रौद्योगिकी के पद पर कार्यरत शहवाज आलम ने दर्ज कराई है। हाजीपुर नगर थाना की पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
बैंक के निलंबित मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के वसतौरा निवासी विपिन तिवारी, निलंबित अध्यक्ष वैशाली जिले के चक धनौती निवासी संजीव कुमार, निलंबित प्रबंधक पटना जिले के बाग कालू खान, सदर गली निवासी सैयद शहनाज वजी, आदि।
औद्योगिक क्षेत्र हाजीपुर के लिच्छवी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शीत भंडारण के प्रबंधक वीरेंद्र कुमार, महुआ मुकुंदपुर स्थित महुआ को-आपरेटिव कोल्ड स्टोरेज लिमिटेड के प्रबंधक राजीव नयन सिंह समेत 11 जनों के विरुद्ध बैंक के 83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का घोटाला में उपरोक्त प्रथमिकी दर्ज किया गया है।
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