उम्मीद सेंट्रल पोर्टल में अपलोडिंग कार्य में मिलेगी विभागीय सहायता
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बीते माह 29 नवंबर को झारखंड की राजधानी रांची स्थित हज हाउस में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला के निर्णयों के आलोक में 2 दिसंबर को बोकारो जिला कल्याण विभाग की ओर से जिला परिषदन में वक्फ परिसंपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड उम्मीद सेंट्रल पोर्टल 2025 पर अपलोड करने हेतु एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में झारखंड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य ए. के. रशीदी, जिला कल्याण पदाधिकारी नीली सरोज कुजूर, कल्याण विभाग के कर्मी मो. माजिद और राहुल केशरी, यूनाइटेड मिल्ली फोरम के प्रदेश महासचिव सामाजिक कार्यकर्ता अफजल अनीस, एशोसिएशन ऑफ अंजुमन बोकारो के कोर्डिनेटर तथा अंजुमन उकरीद के सदर हाजी कमरुल हक, हाजी मो. इदरिस, बालिडीह के हाजी अब्दुल रऊफ अंसारी सहित बोकारो जिले के विभिन्न प्रखंडों के अंजुमनों के सदर और सचिव उपस्थित रहे।

शिविर में ए. के. रशीदी ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि झारखंड की सभी वक्फ परिसंपत्तियों को आगामी 5 दिसंबर तक उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। उन्होंने बोकारो जिले की प्रमुख पांच वक्फ संपत्तियों का विशेष रूप से उल्लेख किया। जिसमें वक्फ क्रमांक 2268 मदरसा व मस्जिद नसीरुद्दीन, ग्राम अजीमबाद, बरवापानी (नावाडीह), वक्फ क्रमांक 2390 जामा मस्जिद एवं मदरसा मिफताहुल इस्लाम, पिपराडीह (चन्द्रपुरा), वक्फ क्रमांक 2450 मिनी मस्जिद, सेक्टर चार बोकारो स्टील सिटी, वक्फ क्रमांक 2329 मस्जिद, मिल्लत नगर बालीडीह (जरीडीह) तथा वक्फ क्रमांक 1073 बोकारो स्थित वक्फ संपत्ति शामिल है।
उन्होंने कहा कि उपरोक्त सभी परिसंपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर समय सीमा के भीतर अपलोड कराना अनिवार्य है। इसके लिए विभागीय स्तर पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जिला कल्याण पदाधिकारी नीली सरोज कुजूर ने आश्वस्त किया कि बोकारो जिले की सभी चिन्हित वक्फ परिसंपत्तियों को निर्धारित तिथि से पूर्व पोर्टल पर अपलोड कराने में विभाग पूरी तरह सहयोग करेगा। शिविर में उपस्थित अंजुमनों के प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इससे वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता, सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित होगा।
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