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ठेकेदार अधिकारी गठबंधन के कारण बीएसएल खस्ताहाल-राजेंद्र सिंह

क्रन्तिकारी इस्पात मजदूर संघ का 5 सितंबर का हड़ताल 22 सितंबर तक टला

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। सेल के बोकारो इस्पात संयंत्र के कोक-ओवन, ब्लास्ट फर्नेस तथा ट्रैफिक विभाग में 5 सितंबर को हिन्द मजदूर सभा से संबद्ध क्रान्तिकारी इस्पात मजदूर संघ द्वारा आहुत हड़ताल पर सहायक श्रमायुक्त के समक्ष त्रिपक्षीय वार्ता तथा मजदूरों के लम्बित मांगो पर प्रबंधन को सहायक श्रमायुक्त के बिन्दुवार दिशा निर्देश की जानकारी हेतु युनियन के प्रधान कार्यालय में 4 सितंबर को एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

जानकारी देते हुए यूनियन कर मीडिया प्रभारी चंद्र प्रकाश ने बताया कि 5 सितंबर को होनेवाले हड़ताल पर संज्ञान लेते हुये सहायक श्रमायुक्त ने बीते 3 सितम्बर को धनबाद स्थित कार्यालय पर बोकारो प्रबंधन तथा युनियन प्रतिनिधियो की बैठक बुलाई थी। बैठक में प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक कोक-ओवन के.एन.झा, महाप्रबंधक यातायात विभाग राजेश कुमार, सहायक महाप्रबंधक ब्लास्ट फर्नेस शशिकांत, महाप्रबंधक औद्योगिक संबंध प्रभाकर के साथ मानव संसाधन विभाग के उज्जवल कुमार, अभिषेक तथा मनोरंजनी मौजूद थे। वहीं संघ के महामन्त्री राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में युनियन की ओर से सुभाष चंद्र कुंभकार, शशिभूषण, अम्बेदकर, मो. इरफान, संतोष कुमार, जुम्मन खान, नागेंद्र सिन्हा, आनंद कुमार, हरेराम, मो. सिराज, अमित यादव, नितेश कुमार मौजूद थे।

आयोजित प्रेस वार्ता में संघ के महामन्त्री सह-सदस्य एनजेसीएस राजेंद्र सिंह ने कहा कि सहायक श्रमायुक्त ने लगातार चली साढ़े छः घन्टे की मैराथन बैठक में प्रबंधन को जमकर लताड़ लगाते हुये बिन्दुवार सभी मांगों पर स्पष्ट निर्णय दिया है। मैराथन बैठक में इन्सेंटिव रिवॉर्ड स्कीम पर प्रबंधन का पक्ष रखते हुये महाप्रबंधक औद्योगिक संबंध ने कहा कि कमिटी का गठन हो चुका है। शीघ्र हीं इन्सेंटिव रिवॉर्ड स्कीम की खामियो को दूर कर नये स्कीम को लागू करेंगे।

युनियन की ओर से महामन्त्री ने पक्ष रखते हुये कहा कि इनके पास कोई कमिटी नहीं है, न हीं प्रबंधन इस पर गंभीर हैं। सहायक श्रमायुक्त ने प्रबंधन को कड़े शब्दो में साफ निर्देश देते हुये कहा कि टाल मटोल की नीति यहाँ नहीं चलेगी। आगामी 22 सितम्बर तक का समय प्रबंधन को दिया जा रहा है। आप स्पष्ट करें कि कमिटी में कौन-कौन सदस्य हैं और स्कीम के पुनर्गठन की दिशा में कमिटी की वास्तविक रिपोर्ट क्या है?

वार्ता में ईएसआईसी से बाहर हो चुके ठेका मजदूरों के ईलाज पर युनियन द्वारा उठाये गये सवाल पर सहायक श्रमायुक्त ने प्रबंधन को आड़े हाथ लेते हुये कहा कि दु:ख की बात है कि इतने प्रतिष्ठित संस्थान में आज के दौर में भी मजदूर चिकित्सा से मरहूम हैं। आगामी 22 सितम्बर तक वैकल्पिक चिकित्सा हेतु ठोस निर्णय लीजिये अन्यथा कार्यवाही के लिये तैयार रहिये। युनियन के ठेका मजदूरो के ग्रेड प्रमोशन की मांग पर सहायक श्रमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुये कहा कि वर्षो से ठेका मजदूर एक हीं ग्रेड में कार्य कर रहें हैं, आपके पास ठेका मजदूरो के लिये कोई प्रमोशन पाॅलिसी नहीं है। अविलम्ब मजदूर हित मे पाॅलिसी बनाकर कार्यालय को सूचित करें।

त्रिपक्षीय बैठक में संघ के महामन्त्री ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुये कहा कि ड्युटी से एक घंटा पूर्व और ड्युटि से एक घंटा बाद की अवधि ड्युटि है, मगर ठेका मजदूरो के लिये बोकारो प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी मानने से इंकार कर रही है। सहायक श्रमायुक्त ने साफ कहा कि इसमे किसी प्रकार की किन्तु परन्तु की तो बात हीं नही है। कहा कि ड्यूटी के एक घंटा पूर्व और एक घंटा बाद जो नियम नियमित मजदूरो के लिये है वही नियम ठेका मजदूरों के लिये भी है। आज से इस पर अमल हो।

महामंत्री सिंह ने कहा कि ठेका मजदूरों के ग्रेच्युटी के युनियन की मांग पर सहायक श्रमायुक्त ने प्रबंधन को निर्देशित करते हुये कहा कि आप मजदूर को ग्रेच्युटी से वंचित नहीं रख सकते हैं। सभी मजदूर ग्रेच्युटी के पात्र हैं। ग्रेच्युटी मे टाल मटोल होगा तो श्रम कार्यालय स्वयं हस्तक्षेप कर मजदूरों को ग्रेच्युटी की व्यवस्था करेगा। उन्होंने युनियन के हड़ताल नोटिस में मजदूरों के सुरक्षा से संबंधित बिन्दु पर संज्ञान लेते हुए प्रबंधन से स्पष्ट रूप से कहा कि मजदूरो के स्वास्थ और सुरक्षा पर लापरवाही दण्डनीय अपराध है।

व्यवस्था में सुधार कीजिये आपको मजदूरों के जान से खेलने का कोई अधिकार नहीं है। इसके अलावा हड़ताल नोटिस मे वर्णित सभी बिन्दुओ पर सहायक श्रमायुक्त ने प्रबंधन को निर्देश देते हुये कहा कि आपके पास 22 सितम्बर तक का समय है। आगामी 22 सितम्बर को अगली सुनवाई बोकारो इस्पात संयंत्र के प्रांगण में होगी, जिसमे सम्बद्ध दस्तावेजो के साथ प्रबंधन के शीर्ष अधिकारी तथा युनियन पदाधिकारियो की उपस्थिति अनिवार्य है। सहायक श्रमायुक्त ने युनियन से अपील करते कहा कि मजदूरो की सारी मांगे जायज और कानून सम्मत है,आप 22 सितम्बर तक का समय दें सभी मांगें पूर्ण होंगी। युनियन ने सहायक श्रमायुक्त के अपील पर सहमति जताते हुये 5 सितम्बर को होने वाली हड़ताल को 22 सितम्बर तक आगे बढ़ाने आश्वासन दिया।

प्रेस वार्ता में सिंह ने कहा कि ठेकेदार अधिकारी गठजोर के कारण बोकारो इस्पात संयंत्र की हालत खस्ताहाल है। प्रबंधन जानबूझकर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के नीति के तहत कार्य कर रही है। यही कारण है कि लाख कोशिशो के बाद भी बीएसएल के चिड़िया लौह अयस्क खदान को बंद किया गया है। बीएसएल के ब्लास्ट फर्नीश, बैटरी डिवीजन में ठेका कामगार जान हथेली पर रखकर कार्य करने को मजबूर है। मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के नाम पर प्रतिदिन मात्र ₹300 दिया जा रहा है। यही नहीं बल्कि प्रेस वार्ता में उपस्थित ठेका मजदूरों ने बताया कि उन्हें सुरक्षा उपकरण के नाम पर प्लास्टिक का हेलमेट व् दस्ताना तथा घटिया दर्जे का जूता दिया जाता है।

प्रेस वार्ता में यूनियन महामंत्री सिंह के अलावा रमेश राय, सुभाष चंद्र कुंभकार, शशिभूषण, विपिन कुमार सिंह, अम्बेदकर, शम्भु प्रसाद, राजेश महतो, पिन्कु कुमार, उज्जवल कुमार, हलधर गोस्वामी, राजेश कुमार, दीपक रंजन, अखिलेश सिंह, संतोष कुमार, श्लोक कुमार सिंह, जुम्मन खान, हरेराम, बासुदेव कुम्भकार, प्रमोद कुमार आदि उपस्थित थे।

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