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बीएसएफ के शहीद सब इंस्पेक्टर का पार्थिव शरीर पहुंचा गृहस्थल नारायणपुर

डीआईजी, डीएम, एसपी ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

प्रहरी संवाददाता/सारण (बिहार)। पाकिस्तान के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर के क्रम में जम्मू कश्मीर में शहीद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज़ का पार्थिव शरीर उनके गृह स्थल सारण जिला के हद में गरखा प्रखंड के जलाल बसंत पंचायत के नारायणपुर पहुंचा।

इस अवसर पर सारण के आरक्षी उप महानिरीक्षक (डीआईजी) नीलेश कुमार, जिलाधिकारी (डीएम) अमन समीर एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ कुमार आशीष ने अमर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की तथा उन्हें धैर्य धारण की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से कामना की।

मोहम्मद इम्तियाज का सर्वोच्च बलिदान सदैव रहेगा याद-सारण पुलिस

बीएसएफ के बहादुर सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज को सारण पुलिस ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पोस्ट किया है कि 10 मई को जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर क्रॉस बॉर्डर फायरिंग के दौरान राष्ट्र की सेवा में बीएसएफ के बहादुर सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज शहीद हो गए। उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

बीएसएफ सीमा चौकी का नेतृत्व करते हुए, उन्होंने आगे बढ़कर वीरतापूर्वक नेतृत्व किया। दु:ख के इस घड़ी में सारण पुलिस परिवार शहीद मो. इम्तियाज के परिजनों के साथ मजबूती से खड़ा है।

अमर बलिदानी का शव गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों में शोक की लहर

पाकिस्तानी गोली बारी में सीमा पर तैनाती के दौरान 10 मई की शाम मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हुए बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मो. इम्तियाज नारायणपुर गांव के स्व. हाबिद मियां के पुत्र थे।उनकी पत्नी का नाम शाहनाज अजीमा है। वे अपने तीन भाइयों में ज्येष्ठ थे। उनका मंझला भाई मुस्तफा भी सेना में है। सबसे छोटा भाई असलम विदेश में नौकरी करता है। उनकी दोनों बेटियों बेनजीर और फरीदा की शादी हो चुकी है। दो बेटों में बड़े इमरान पटना पीएमसीएच में बायो मेडिकल इंजीनियर के पद पर नौकरी करता है। छोटा इमदाद रजा अभी अध्ययनरत है।

ज्ञात हो कि, शहीद सब इंस्पेक्टर की तैनाती जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में सीमा पर थी। जब पाकिस्तानी सेना ने 10 मई की शाम फायरिंग शुरु की तो वे अपने जवानों के साथ जवाबी कार्रवाई में डटे थे। इस दौरान उन्हें गोली लगी और वे शहीद हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि शहीद मोहम्मद इम्तियाज ईद में घर आए थे तथा पिछले 21 अप्रैल को अपने घर से जम्मू के लिए प्रस्थान कर गए थे।

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