ये भाई जरा संभलकर चलें, यह समस्तीपुर की सड़के है

कफ़न बांधकर समस्तीपुर की सड़कों पर निकलें, न जाने किस गड्ढे में मौत हो जाए-सुरेन्द्र

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। भाईजी, जरा संभलकर चलिए। यह समस्तीपुर की सड़के है। यहां हर गली, चौक-चौराहो पर मौत का कुआँनुमा गड्ढे है। यह हम नहीं, बल्कि तस्वीर खुद अपनी स्थिति बयां कर रही है।

इस संबंध में एक जुलाई को समस्तीपुर की सड़को पर जल जमाव पर तल्ख़ टिप्पणी करते हुए भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने निरिक्षण के क्रम में कहा कि सिर पर कफ़न बांधकर समस्तीपुर की सड़कों पर निकलें, न जाने किस गड्ढे में आपकी मौत हो जाए।

उन्होंने कहा कि शहर की टूटी सड़कें, नाले, जर्जर स्लैब एवं उसके उपर जलजमाव आम है। सिंह के अनुसार आदर्शनगर, विवेक- विहार, काशीपुर, बारह पत्थर, बीएड कालेज मुहल्ला, सोनवर्षा, तिरहुत ऐकडमी आदि जगह की सड़के गड्ढे में तब्दील है। नाले एवं नाले के उपर रखा स्लैब टूटा हुआ है।

कई जगह नाले पर स्लैब है ही नहीं। वर्षा का जलजमाव होने पर सड़क है या गड्ढे या फिर नाले पता ही नहीं चलता। राहगीर एवं वाहन चालक इसमें गिरकर दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं।

माले नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि नाला बनाने, स्लैब डालने, नाले की उड़ाही, नाले एवं सड़क की सफाई में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है। आगे- आगे सड़क, नाला, स्लैब बनाया जाता है और पीछे- पीछे टूटता चला जाता है। भ्रष्टाचार के कारण इंजिनियर, ठेकेदार, निर्माण ऐजेंसी पर कोई कार्रवाई नहीं किया जाता। यहां चांदी के जूते भारी पड़ जाते हैं।

उन्होंने कहा कि लाखों- लाख रूपये नाला, स्लैब, जल निकासी, सफाई आदि के नाम पर निकासी कर लिया गया, लेकिन कहीं भी योजनानुसार काम नहीं किया गया। फलतः मानसून की प्रथम बारिश में ही शहर की स्थिति नारकीय हो गयी है। माले नेता ने जिलाधिकारी से उक्त आरोपों की जांच कर दोषी कार्य एजेंसी पर कार्रवाई करने एवं युद्ध स्तर पर शहर की सड़कें, नाले, स्लैब मरम्मति की मांग की है।

 144 total views,  1 views today

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *