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बीपीसीएल ने सीएसआर फंड से सरकारी स्कूलों की कि काया पलट

यूपी के आठ जिलों के 70 सरकारी स्कूल के कक्षाओं का किया रूपांतरण

कार्यालय संवाददाता/मुंबई। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) द्वारा अपने सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड से ‘प्रोजेक्ट ग्रीनिंग क्लासरूम’ को प्रभावी ढंग से लॉन्च किया हैl इसके तहत उत्तर प्रदेश के आठ आकांक्षात्मक जिलों सोनभद्र, चंदौली, चित्रकूट, सिद्धार्थनगर, बहराइच, फतेहपुर, श्रावस्ती व बलरामपुर के 70 सरकारी स्कूलों पर पड़ा है। इस पहल के कारण पुनर्चक्रित प्लास्टिक से तैयार 1,400 बेंचों की स्थापना की गई है, जो स्थिरता, शिक्षा और सामुदायिक जुड़ाव का प्रतिक बनेगा। यह परियोजना प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण शिक्षा को एकीकृत करने पर जोर देती है। छात्रों और शिक्षकों ने इंटरैक्टिव सत्रों में भाग लिया, जिसमें प्लास्टिक अपशिष्ट, स्रोत पृथक्करण, संग्रह अभियान और पुनर्चक्रण प्रक्रिया के बारे में जागरूकता बढ़ाई गई, जिससे ये स्कूल स्थिरता ज्ञान के केंद्र बन गए।

इस पहल का एक प्रमुख घटक प्रत्येक स्कूल से 15 छात्र राजदूतों को बीपीसीएल ब्लू नज राजदूत के रूप में नियुक्त करना है। इन छात्र नेताओं को ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से विशेष सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) प्रशिक्षण प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें अपने स्कूलों और समुदायों में परिवर्तन एजेंट के रूप में सेवा करने का अधिकार मिला। उनके समर्पण के प्रतीक के रूप में, उन्हें रीसायकल प्लास्टिक से बनी टी-शर्ट उपहार में दी गईं, जो परियोजना के सिद्धांतों को क्रियान्वित करती हैं।

इस परियोजना को बीपीसीएल सीएसआर द्वारा दिल्ली अनुसंधान कार्यान्वयन और नवाचार (डीआरआईआईवी) की तकनीकी सहायता से क्रियान्वित किया गया है। श्रावस्ती मॉडल कॉर्पोरेट्स, सरकारी स्कूलों और स्थानीय समुदायों को एकजुट करके सीखने के पारिस्थिति की तंत्र को समृद्ध करके पर्यावरणीय मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक स्केलेबल और अनुकरणीय दृष्टिकोण का उदाहरण है।

Tegs: #BPCL-overturned-government-schools-from-csr-fund

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