एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो के प्रतिष्ठित अस्पताल चास स्थित के. एम. मेमोरियल अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उक्त अस्पताल ने राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त करने का गौरव हासिल किया है। उक्त जानकारी के. एम. मेमोरियल अस्पताल के महाप्रबंधक बी. एन. बनर्जी ने एक नवंबर को दी।
जीएम बनर्जी ने बताया कि बोर्ड ने अस्पताल की गुणवत्तापूर्ण सेवा को देखते हुए सभी विभागों को इसकी मान्यता दे दी है, जो पूरे बोकारो जिले के लिए विशेष उपलब्धि मानी जायेगी। उन्होंने कहा कि इस मान्यता का लाभ डीभीसी, सीसीएल (कोल् इंडिया), ईएसआईसी, रेलवे तथा अन्य मरीजों को उच्चस्तरीय सेवाओं के रूप में प्रदत्त की जाएगी।
ज्ञात हो कि एनएबीएच द्वारा प्रत्यायन किसी भी अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण मान्यता है, जो उच्च गुणवत्ता वाले रोगी की देखभाल और सुरक्षा प्रदान करने के लिए अस्पताल की प्रतिबद्धता का एक विशेष प्रमाण है। एनएबीएच प्रत्यायन स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है। यह सम्मान मिलना किसी भी अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है।
बताया जाता है कि एनएबीएच की मान्यता प्रक्रिया कठोर और व्यापक है। यह रोगी की देखभाल, सुरक्षा और संगठनात्मकता, दक्षता सहित विभिन्न क्षेत्रों में अस्पताल के प्रदर्शन का आकलन करता है।
बनर्जी ने बताया कि के. एम. मेमोरियल अस्पताल बोकारो ने इन सभी मापदंडों में उत्कृष्टता के लिए अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन कर यह मान्यता अर्जित की है। के. एम. मेमोरियल अस्पताल ने एनएबीएच मान्यता प्राप्त कर स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
बातचीत के दौरान के. एम. मेमोरियल के प्रबंध निदेशक सह समाजसेवी डॉ विकास कुमार पांडेय ने इस उपलब्धि को पूरे असपताल कर्मियों के द्वारा समर्पित भाव को दी। डॉ पांडेय ने कहा कि सेवाओं का प्रतिफल हर उस व्यक्ति का वे हृदय से साधुवाद देते है, जिन्होंने इस अस्पताल के निर्माण, संचालन में कभी भी अपना आंशिक सहयोग किया था।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व्यवस्था के लिए के. एम. मेमोरियल अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर शुरू से प्रतिबद्ध रहा है, जिसका नतीजा अस्पताल को मिली यह बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आनेवाले समय में के. एम. मेमोरियल अस्पताल चिकित्सा क्षेत्र में नवीन विश्व स्तरीय सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
इस अवसर पर डॉ पांडेय ने दिल को छू लेने वाली चार पंक्तियों के साथ कि नहीं फूलते कुसुम मात्र राजाओं के उपवन में, अमित बार खिलते वे पुर से दूर कुंज कानन में, समझे कौन रहस्य? प्रकृति का बड़ा अनोखा हाल, गुदड़ी में रखती चुन-चुन कर बड़े कीमती लाल के साथ बात समाप्त की। मौके पर अस्पताल के तमाम चिकित्सक, चिकित्सा कर्मी, तथा कार्यालय कर्मी ने उन्हें बधाई दी।
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