बातचीत से निकाल लिया जायगा समाधान-परियोजना प्रधान
राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। डीवीसी के बोकारो थर्मल में एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगा है। कारण यह कि हाइवा कोयलांचल ऑनर एसोसिएशन बेरमो ने पांच सूत्री मांगों के समर्थन में आगामी 13 जनवरी से एक बार फिर बोकारो थर्मल एस पौंड से छाई की ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद करने की घोषणा की है।
हाइवा कोयलांचल एसोसिएशन के इस निर्णय के बाद डीवीसी की बोकारो थर्मल पावर प्लांट में एक बार फिर विद्युत संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, बोकारो थर्मल प्लांट के वरीय महाप्रबंधक सह परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरीया ने एक जनवरी को बताया कि हाइवा एसोसिएशन के बात की जा रही है। उन्होंने जल्द ही समस्या का समाधान निकाले जाने की उम्मीद जताई है।
साथ ही कहा कि छाई ट्रांसपोर्टिंग की इस समस्या का स्थाई समाधान भी निकालने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके तहत रेलवे की टीम जांच कर रही है। एक सप्ताह में रेलवे रैक द्वारा प्लांट से छाई ट्रांसपोर्टिंग कार्य भी शुरू होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि छाई ट्रांसपोर्टिंग की समस्या का जल्द समाधान न होने पर प्लांट से विद्युत का उत्पादन एक बार फिर बंद हो जाएगी।
ज्ञात हो कि इससे पहले बीते वर्ष 2025 में भी हाइवा कोयलांचल एसोसिएशन के आंदोलन के कारण बीते 15 जुलाई को चार महीनों तक छाई की ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद थी। उसी वक्त से एस पौंड में छाई पूरी तरह से भर गई थी।
बता दे कि डीवीसी के बोकारो थर्मल पावर प्लांट से फिलहाल 500 मेगावाट विद्युत का उत्पादन हो रहा है। छाई ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद रहने से बीते वर्ष 12 नवम्बर को 13 दिनों तक प्लांट से विद्युत का उत्पादन बंद कर दिया गया था।
जिसमें डीवीसी को लगभग 75 करोड़ रुपए लागत के विद्युत उत्पादन का नुकसान हुआ था। अभी भी स्थिति जस की तस है। छाई ट्रांसपोर्टिंग कार्य की धीमी गति के कारण एस पौंड अभी भी भरा है। ऐसे में हाइवा कोयलांचल एसोसिएशन ने ट्रांसपोर्टिंग कार्य फिर से बंद कर दिए, तो बोकारो थर्मल प्लांट का संकट बढ़ना लगभग तय है।
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