मौका दीजिये अपने खून को किसी की रगों में बहने का, ये लाजवाब तरीका है कई जिस्मों में ज़िंदा रहने का
गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। विश्व रक्तदाता एवं रक्तदान दिवस पर सभी रक्त वीरों को शुभकामना के साथ आइये मिलते हैं वैशाली जिले और आसपास के कुछ रक्त विरो से, जिनकी बदौलत आज भी मानवता जिंदा है।
वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर के रक्तवीर प्रवीण कुमार समाज सेवा के क्षेत्र में एक जाना पहचाना नाम है। अपने स्कूली जीवन से ही प्रवीण रक्तदान कार्यक्रमों में भाग लेते आए और कॉलेज जीवन में से अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर एक रक्त परिवार का गठन किया। इसके कोई भी सदस्य किसी को भी आकस्मिक रक्त की जरूरत पर अपना रक्त देने के लिए तैयार रहते हैं।
अब तक रक्तवीर प्रवीण 31 बार अपना रक्तदान कर चुके हैं। उनके परिवार में लगभग 300 जाबाज है जो नियमित रूप से रक्तदान करते हैं। उनके द्वारा किया गया रक्तदान ब्लड बैंक हाजीपुर में जमा रहता है। किसी भी आकस्मिक दुर्घटना में घायल या किसी भी ग्रुप की ब्लड की जरूरत होने पर प्रवीण अपने साथियों की सहायता से जरूरतमंद को ब्लड उपलब्ध कराते हैं।
रक्तवीर प्रवीण का मानना है कि हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी को नई जिंदगी प्रदान करता है। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता है। आपके खून की चंद बूंदों से किसी घर का चिराग बुझने से बच सकता है। परोपकार करना वीरों का गहना है। अगर आपने पूरे जीवनकाल में किसी एक व्यक्ति का भी जीवन बचा लेते हैं तो आपका जन्म लेना इस धरा पर सार्थक हो जाता है।
वैशाली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी रक्तदान करने में अब पीछे नहीं है। वैशाली जिला के हद में लालगंज अंचल के शीतल भकुरहर के युवा अतुल कुमार भी एक से अधिक बार अपना रक्तदान कर चुके हैं।
बिहार के जाने-माने समाज से भी गौरव राय जो पटना में एक निजी कंपनी में कर कार्य करते हैं, अपने समाज सेवा के बदौलत पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर सहित पुरे बिहार में जाने जाते हैं। 55 वर्षीय गौरव राय अब तक अपने जीवन में 99 बार रक्तदान कर चुके हैं और बिहार के रक्तवीरों में इनका पहला नाम है।
रक्तवीर गौरव राय ने बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसकी आयु 18 से 65 वर्ष है, 46 किलो से अधिक वजन है और होमोग्लोबिन 12.5 से ज्यादा है, तो रक्तदान कर सकता है। वैसे इनका इरादा जब तक ये स्वस्थ रहेंगे, समाज सेवा में लगे रहेंगे।
कोरोना काल में भी गौरव द्वारा किए गए इनके कार्य को देखते हुए आमजनों ने इनका नाम ऑक्सीजन मैन रख दिया। इनका आग्रह है कि मौका दीजिये अपने खून को किसी की रगों में बहने का, ये लाजवाब तरीका है कई जिस्मों में ज़िंदा रहने का।
235 total views, 1 views today