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गुरूजी बहुजन के साथ मजदूरों का भी मसीहा थे-बी. के. चौधरी

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो के सेक्टर नाइन स्थित जय झारखंड मजदूर समाज कार्यालय में 7 अगस्त को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में यूनियन से जुड़े पदाधिकारी व् कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।

जानकारी के अनुसार बीते 4 अगस्त को स्वर्ग पधार गये झारखंड आंदोलन के पुरोधा व् झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन (गुरूजी) की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था, जिसमे प्लांट और बाहर काम करने वाले सैकड़ो मजदूरों ने नम आंखो से भाग लेते हुए उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

उक्त जानकारी देते हुए यूनियन के कार्यालय मंत्री आर. बी. चौधरी ने देते हुए बताया कि इस अवसर पर जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता बी. के. चौधरी ने अपने सम्बोधन मे भरे गले से कहा कि वर्ष 1992 से गुरूजी जय झारखंड मजदूर समाज के अध्यक्ष थे तथा 1992 से लगातार 11 बार मुझे केन्द्रीय सदस्य बनाते रहें। उन्होंने कहा कि युनियन द्वारा मजदूर हित मे सैकड़ो आन्दोलन होता रहा, जिसमे गुरूजी की उपस्थिति अनिवार्य रूप से होता था।

उनका मार्गदर्शन मुझे मिलता रहा, जिसके बदौलत हर आन्दोलन मे युनियन ने मजदूरों के हित मे प्रबंधन से कुछ न कुछ लेता रहा था। खासकर युनियन द्वारा विश्वकर्मा पूजा के खिचड़ी महाप्रसाद मे तथा सखा सहयोग सुरक्षा समिति के चित्रकला प्रतियोगिता हो या मिलन समारोह। प्राइज वितरण मे रांची से बोकारो आकर हमलोगों का मनोबल बढ़ाने का काम करते थे।

यूनियन महामंत्री चौधरी ने कहा कि गुरूजी सरल स्वभाव रहने के कारण मुझे छोटा भाई का प्यार देते हुए समय समय पर मुझे डांटने का भी काम करते थे। वे डांटने का कारण भी बताते थे तथा भीड़भाड़ मे भी मुझे गांधी नाम से नवाजा करते थे। उनके निधन से मेरे साथ साथ युनियन भी अकेला सा महसूस करने लगा है। युनियन के लिए उनका भरपाई नही हो पायगा। उनके निधन से एक सुनहरे युग का अन्त हो गया।

उन्होंने कहा कि गुरूजी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र, झारखंड और समाज के उत्थान मे लगा। वे त्याग, तपस्या और बलिदान के प्रतिमूर्ति थे। उनके निधन ने एक पुरोधा और जननायक को खो दिया है। उनकी लड़ाई जल, जंगल और जमीन के साथ साथ हरिया, दारू शराब के लिए प्राथमिकता था। इस समय निश्चित रूप से मेरे साथ साथ युनियन भी अनाथ हो चुका है।

इसलिए हमलोग उनके साथ बिताये हुए समय और विचारधारा आत्मसात करते हुए आगे बढ़ते रहें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांन होगी।ऊं शान्ति, शत् शत् नमन, प्रभु अपने श्रीचरणों मे उन्हें स्थान दें। श्रद्धांजलि देने वालों मे मुख्य रूप से झारखंड मुक्ति मोर्चा के हसन इमाम, यूनियन की ओर से शंकर कुमार, एन के सिंह, अनिल कुमार, आर बी चौधरी, यू सी कुम्भकार, सी के एस मुंडा, एस के सिंह, मदन महतो, जे एल चौधरी, माणिक चंद साह, तुलसी साहू, आई अहमद, अभिमन्यु माझी, आर के मिश्रा, रामा रवानी, राजेन्द्र प्रसाद, बादल कोइरी, आर आर सोरेन, दिलीप ठाकुर, नासिर खान, जितेन्द्र कुमार, सतेंदर, बिजय साहू आसी शामिल थे।

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