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सेफ्टी विभाग के खिलाफ मजदूर आन्दोलन के लिए तैयार-बी. के. चौधरी

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 10 दिसंबर को जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बी. के. चौधरी के नेतृत्व मे सेफ्टी भवन पर जान है तो जहान है का गगनभेदी नारों के साथ हजारों इस्पातकर्मी और ठेकाकर्मी ने हल्ला बोल प्रदर्शन किया। साथ हीं प्रदर्शन के माध्यम से अपना आक्रोश व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन यूनियन के संयुक्त महामंत्री एन के सिंह ने किया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि प्रबंधन के नजर मे मजदूरों के जान का कोई कीमत नही है, क्योंकि सेफ्टी विभाग के नाकामीयत से दुर्घटना मे मृत मजदूर के आश्रित को नियोजन तो देता है लेकिन अपंग हुए मजदूर को कचड़ा के तरह प्लांट से बाहर फेंक देता है। इसलिए अब इसके खिलाफ निर्णायक फैसला होना चाहिए।

सभी वक्ताओं को सुनने के उपरान्त महामंत्री चौधरी ने बीएसएल प्रबंधन से कहा कि हर छोटे बड़े कल कारखानो मे कामगारों के जान माल की सुरक्षा के लिए सेफ्टी वजब यानी सुरक्षा विभाग का गठन किया जाता है। जिसका प्रारंभिक सोंच मजदूरों के बीच जाकर उनके सुरक्षा उपकरण को देखना तथा उनके तनाव से भरे भावना को को भी परखना होता है।

उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर चल रहे मशीनों और हाउसकिपिंग का जायजा भी लेना होता है, लेकिन सेफ्टी विभाग अपने मूल कर्त्तव्यों को भूलकर कार्यक्रम मे समय या कागजों के बीच सिमित रखकर कर्त्तव्य का पालन कर रहा है। जिसके कारण दुर्घटना पर दुर्घटना घट रहा है। कहा कि वर्तमान मे यह नियम भी हिटलरशाही को दर्शाता है कि दुर्धटना मे मृत मजदूर के आश्रित को नियोजन तो दिया जाता है लेकिन जो मजदूर अपंग हो जाता है उसे कचड़ा के तरह प्लांट से बाहर भगवान भरोषे फेंक दिया जाता है।

इस बात को नासमझ भी समझता है कि मानसिक तनाव रहने पर मन एकाग्रचित नही रहकर बिचलित रहता है। जिसका प्रभाव भी दुर्घटना का कारण बनता है। इसलिए प्रबंधन को चाहिए कि सुरक्षा विभाग को क्रियाशील बनाते हुए उनके मानसिक तनाव को दूर करें। चौधरी ने कहा कि आज वेज रिविजन को बर्ष बीत गया लेकिन अभी तक 39 महिने का एरियर का भुगतान पर मौन ब्रत ले चुका है।

मजदूर प्लांट आने के क्रम मे हीं यह सोचकर मानसिक तनाव मे आ जाता है कि आज भी गेट पर बने स्टेन्ड मे ₹20/= देना होगा, वेतन से पैसा लौटाने के लिए ताना सुनना पड़ेगा। नही लौटाय॔गे तो अगला गेटपास रिन्युअल नही होगा। इस प्रस्थिति से मजदूर को तनाव मुक्त करने के लिए 39 महिने का एरियर, इन्सेंटिव रिवार्ड मे सुधार, युनियन चूनाव, एस डबल्यू को मोटरसाइकिल गेट पास, मनी कट पर रोक, एसडब्लू का बीजीएच मे ईलाज, सभी प्रकार का भत्ता इत्यादि पर सकारात्मक पहल कर तनाव मुक्त करने का काम करें, अन्यथा मजदूरों मे बढ़ते आक्रोश के कारण प्लांट को बहुत बड़ा आन्दोलन से भारी नुकसान हो सकता है। जिसका जवाबदेह प्रबंधन होगा।

कार्यक्रम मे मुख्य रूप से संयुक्त महामंत्री एन के सिंह, अनिल कुमार, जे एल चौधरी, तुलसी महतो, रोशन कुमार, आई अहमद, विजय कुमार साह, बालेश्वर राय, आर आर सोरेन, रामा रवानी, राजेन्द्र प्रसाद, मानिक चंद साह, धर्मेन्द्र कुमार, ए डब्लू ए अंसारी, बिनोद कुमार, ए के मंडल, मोहन मांझी, ओ पी चौहान, कार्तिक सिंह, दयाल मांझी, डी गोराई, उपेन्द्र कुमार, एम एल मोदी, हीरा लाल कुम्भार, सुनील कुमार, नासिर अहमद खान, इमरान अंसारी, मंजीत कुमार, उत्तम कुमार, नसीम अंसारी, भागीरथ महतो, तारणि राय, राजेन्द्र साव, विजय कुमार साह, सुनील चौधरी, तपेसर, संजीव कुमार, राम मांझी, राजीव ठाकुर, मिथुन, बी सोरेन, मनोज सिंह, संतोष चौहान, एस के सिन्हा, मंसूर अंसारी, पिंटू कुमार इत्यादि उपस्थित थे।

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