एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। एक ओर भाजपा द्वारा देश भर में तिरंगा यात्रा निकालना, दुसरी ओर भाजपा के मंत्री देश की बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी का अपमान भाजपा का दोहरा चरित्र साबित करता है। भाजपा की यह प्रदर्शन ढोंगी राष्ट्रवाद है।
उपरोक्त बाते 15 मई को आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने कही। नायक मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा बीजेपी मंत्री के खिलाफ कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ टिप्पणी के लिए एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने पर अपनी प्रतिक्रिया में कही।
उन्होंने साफ शब्दो में कहा कि भाजपा और आरएसएस की निति ही सब जगह हिन्दू और मुसलमान की राजनीति कर भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने की रही है। इनका राष्ट्रवाद सिर्फ वोट तक ही सीमित है। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले ढोंगी राष्ट्रवादी है। इनका काम बस देश मे साम्प्रदायिक वोटो की ध्रुवीकरण की रही है। इन्हे देश के जवानो से कोई लेना देना नही है। ये सिर्फ छद्म राष्ट्रवाद का चादर ओढ़कर भारत की जनता को भ्रमित कर वोट की सौदागरी कर रहे है, और येन केन प्रकारेण सत्ता मे बने रहना चाहते है।
नायक ने कहा कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व अभी तक उक्त मामले में मूकदर्शक बनकर धृतराष्ट्र की भूमिका निभाने का कार्य कर रही है, जबकि होना यह चाहिए था कि उक्त मंत्री की इस तरह के गैरजिम्मेदार, फिरकापरस्त बयान देने के दुसरे ही दिन इन्हे पार्टी और मंत्री पद से तुरंत हटा देना चाहिए था। मगर आज तक आरोपी मंत्री को नहीं हटाया जाना इस बात का संकेत है कि यह भाजपा की ही विचारधारा है, जो मंत्री बयान दे रहे है। उन्होंने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से मांग किया कि तुरंत ऐसे देशद्रोही भाजपा के मंत्री को सबसे पहले गिरफ्तार करे।
नायक ने कहा कि जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की कोर्ट द्वारा मामले में संज्ञान लेना देश के लिए शुभ संकेत है। मंत्री द्वारा देश के बहादुर बेटी कर्नल कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बोलना देश के लाखो जवानो का अपमान है, जो माफी योग्य नहीं है। इनके माफी मांग लेने से देश की जनता इन्हे माफ नही कर सकती, क्योकि देश की जनता देश की सेना के साथ पुरे मुस्तैदी के साथ खड़ी है। कहा कि मंत्री की टिप्पणियां न केवल कर्नल कुरैशी के लिए अपमानजनक और खतरनाक हैं, बल्कि सशस्त्र बलों के लिए भी है।
कर्नल कुरैशी को आतंकवादियों की बहन कहना देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाली गतिविधियों को अपराध घोषित करती है और अलगाववादी भावनाओं को प्रोत्साहित करता है। क्योंकि यह किसी भी मुस्लिम को अलगाववादी भावनाओं से जोड़ता है। जिससे भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरा पैदा करता है।
नायक ने कहा कि यह धारणा भी बन सकती है कि भारत के प्रति नि:स्वार्थ सेवा के बावजूद, किसी व्यक्ति को केवल इसलिए अपमानित किया जा सकता है क्योंकि वह मुस्लिम धर्म का है। यह सबसे बड़ा अपराध है तथा मुस्लिम और गैर-मुस्लिम समुदायों के बीच असामंजस्य, दुश्मनी या नफरत की भावनाओं को भड़काने की क्षमता रखता है।
![]()













Leave a Reply