एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड में घाटशिला की जनता अब जाग चुकी है। यहां की जनता भाजपा का काला शासन की सच्चाई जानती है। वोट की ताकत से भाजपा को सबक सिखाएँ। सोमेश सोरेन को जिताएँ, रामदास के देखे गये सपनों को पूरा करे।
उपरोक्त बाते 6 नवंबर को आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने घाटशिला में हो रहे उप चुनाव मे क्षेत्र की जनता के नाम अपील करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव कोई साधारण चुनाव नहीं है। यह आदिवासी मूलवासी स्वाभिमान का महासंग्राम है। यह दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन की विरासत को बचाने का अंतिम अवसर है।
यह भाजपा के कॉरपोरेट लूटतंत्र के खिलाफ जनक्रांति का बिगुल है। कहा कि स्वर्गीय रामदास सोरेन के सुपुत्र सोमेश सोरेन आज घाटशिला की आशा की किरण हैं। वे युवा हैं, ऊर्जावान हैं और सबसे बड़ी बात वे रामदास जी के सपनों के वारिस हैं। नायक ने कहा कि घाटशिला की जनता ने देखा है कि कैसे रामदास सोरेन ने घाटशिला को शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान दिलाया। आज वही सपना पूरा करने का समय है। भाजपा का काला शासन सच्चाई आपके सामने है।
कैसे आदिवासी भूमि लूट: 2014-2019 के भाजपा शासन में 1.5 लाख एकड़ से अधिक आदिवासी जमीन कॉरपोरेट्स को सौंपी गई। शिक्षा का विनाश कर हजारों स्कूल बंद कर दिए गये थे। शिक्षक भर्तियाँ ठप थे। बच्चे भूखे पेट पढ़ने को मजबूर। बच्चियां भात भात कह कर मरने को मजबूर थी। केंद्र की सरकार ने रोजगार का झूठा प्रलोभन देकर 2 करोड़ नौकरियाँ का वादा की थी जबकि हकीकत में 25 प्रतिशत से अधिक बेरोजगारी आज बढ़ी है।
महिला अत्याचार में वृद्धि हुई थी। राशन कार्ड लाखो में कैन्सिल किये गये थे। गैस सिलेंडर में वृद्धि कर उसे ₹1200 तक किया गया था। भाजपा को वोट मांगने का नैतिक अधिकार नही है। नायक ने कहा कि घाटशिला की जनता अब जाग चुकी है और वे अब भाजपा के बहकावे में नही आने वाली है। कहा कि आगामी 11 नवंबर को वोट की ताकत से भाजपा को सबक सिखाएँ। सोमेश सोरेन को जिताएँ, रामदास के देखे गये सपनो को पूरा करने का अब समय है जिसे चुके नही और झारखंड का भविष्य बचाएँ।
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