सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। भारतीय जनता पार्टी पश्चिम सिंहभूम जिला मीडिया प्रभारी हेमन्त कुमार केशरी ने जनहित में जिला उपायुक्त को जिले में मलेरिया बीमारी की रोकथाम करवाने के लिए पत्र लिखकर अपील की है।
भाजपा नेता केशरी ने उपरोक्त गंभीर विषय पर उपायुक्त का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि पूरा पश्चिम सिंहभूम जिला मलेरिया ग्रसित जिला में चिन्हित है। कहा कि हर वर्ष सैकड़ों जनता मलेरिया जैसे गंभीर बीमारी से ग्रसित होकर अपने जान से हाँथ गवाँ बैठते है। वर्षा काल मे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया बीमारी महामारी का रूप धारण कर लेती है।
स्वास्थ्य विभाग महज खानापूर्ति कर अपना पल्ला झाड़ लेती है। ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के अनुसार दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया से ग्रसित जनता को इलाज के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया ग्रसित जनता के उपचार के लिए डॉक्टर उपलब्ध नही होने तथा एम्बुलेन्स नही मिलने के कारण मरीजों को अपने खर्च में सदर अस्पताल चाईबासा आना होता है। कहा कि सदर अस्पताल में बेड की कमी होना रोज की बात हो गई है।
बताया जाता है कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व् वर्तमान में ओड़िशा के राज्यपाल रघुवर दास के मुख्यमंत्रीत्व काल में पूरे राज्य में जनता के इलाज के लिए 108 एम्बुलेन्स सेवा की शुरुआत की गयी थी, जिससे इस जिले की जनता को काफी सहूलियत हुई थी। वह 108 एम्बुलेंस सेवा आजकल ग्रामीणों को सही वक्त पर उपलब्ध नही हो पा रही है। यह चिंता की विषय है।
बताया गया कि बीते 26 जुलाई की रात्रि में सारंडा के छोटानागरा पंचायत के धरमगुटु गॉव के एक अढ़ाई वर्षीय आदिवासी बच्ची सुमन हांसदा की मौत मलेरिया बीमारी से हो गई, क्योंकि छोटानागरा में बच्ची का इलाज नही हो सका। वहां एम्बुलेंस उपलबद्ध नही होने के कारण इलाज में देरी होना उसकी मृत्यु का कारण बताया जा रहा है।
जिला मीडिया प्रभारी भारतीय जनता पार्टी केशरी ने उपायुक्त कुलदीप चौधरी से अपील करते हुए उल्लेखित पत्र के माध्यम से पूरे जिले में मलेरिया बीमारी की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। साथ ही इस संवेदनशील समस्या के निदान के लिये जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया से ग्रसित जनता के इलाज की सुचारू व्यवस्था प्रशाशनिक स्तर पर करवाने की मांग की है।
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