तपस्वी शिक्षाविद महात्मा हंसराज का डीएवी के शैक्षिक जगत में बड़ा योगदान-प्राचार्या
सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल गुवा में 19 अप्रैल को महात्मा हंसराज की जयंती हर्षोल्लास के साथ स्कूली बच्चों एवं शिक्षकों ने मनाया। जयंती समारोह की अध्यक्षता स्कूल की प्राचार्या उषा राय ने की।
इस अवसर पर सर्व प्रथम स्कूल के प्रार्थना सभा में महात्मा हंसराज के चित्र पर मार्ल्यापण एवं पुष्प अर्पित कर सभी शिक्षकों एवं बच्चों ने उन्हें नमन किया। ज्ञात हो कि महात्मा हंसराज ने सर्वप्रथम डीएवी संस्था की स्थापना की थी।
इस अवसर पर डीएवी गुवा की प्राचार्या उषा राय ने प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 19 अप्रैल 1864 को पंजाब प्रांत के होशियारपुर जिला के हद में बजवाड़ा नामक गाँव में डीएवी के संस्थापक प्राचार्य महात्मा हंसराज का प्रादुर्भाव हुआ था।
वे 1885 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से बीए करने के उपरांत सरकारी नौकरी करने के बजाय दयानंद स्कूल अथवा दयानंद कॉलेज स्थापित करने का उन्होंने विचार किया।
तब स्वतंत्रता सेनानी लाल लाजपतराय, पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी और भाई परमानंद आदि के सहयोग से 1 जून 1886 को आर्यसमाज लाहौर (वर्तमान में पाकिस्तान) भवन में पहला डीएवी स्कूल खुला, जो कालांतर में शिक्षा जगत का एक विशाल वट वृक्ष बना। उसके अवैतनिक संस्थापक व पहला प्राचार्य महात्मा हंसराज बने थे। कहा कि आज करीब 900 से अधिक डीएवी विद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षा के चत्वर पर खड़ा हैं।
प्राचार्या राय ने बच्चों को महात्मा हंसराज के आदर्श, उनकी ईमानदारी, उनके त्याग को अपनाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर कार्यक्रम का मंच संचालन कर रहे शिक्षक राजवीर सिंह, पीके आचार्या एवं आशुतोष शास्त्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान महात्मा हंसराज और स्वामी श्रद्धानंद ने दी है, उसके लिए डीएवी संस्था में वे सदैव याद किए जाते रहेंगे।
कहा गया कि दोनों महात्माओं ने अपनी सारी शक्ति से देश के नवयुवकों में राष्ट्रीयता, समाज सेवा एवं समाज सुधार का बीजारोपण किया है। यहां स्कूली बच्चों में हिन्दी में अन्वेशा साहू एवं अंग्रेजी में ऋधिमा सिंह ने महात्मा हंसराज के विचार प्रस्तुत की।
छात्रा मुस्कान गुच्छैत ने क्वीज के माध्यम से महात्मा हंसराज के बारे में बच्चों को बताया। कार्यक्रम के समायोजन में अनन्त कुमार उपाध्याय, अरविन्दों साहू, शशिभूषण तिवारी, विकास मिश्रा, एस के पांडेय, संजीव सिन्हा, जय मंगल साव, अंजन सेन, विनोद कुमार साहू, बाल गोपाल सिंह, योगेन्द्र त्रिपाठी, पुष्पांजलि नायक, अनिरुद्ध दत्ता, अनिशा राय चौधरी, ज्योति सिन्हा, अनीला एक्का, ऋषिकेश कुमार व अन्य का अग्रणी योगदान रहा।
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