पेटरवार के चांदो सांस्कृतिक भवन में हुआ आयोजन
अजित जायसवाल/पेटरवार(बोकारो)। पेटरवार प्रखंड (Petarvar block) के हद में चांदो ग्राम स्थित सांस्कृतिक भवन में 3 जनवरी को भारत देश की प्रथम शिक्षिका क्रांतिज्योति माता सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले की जयंती सादगी के साथ मनाई गयी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय रहिवासी उपस्थित थे।
जयंती समारोह में समाजसेवी बैजनाथ गोराई ने अपने उद्बोधन में कहा कि सावित्री बाई (Savitri Bai) का जन्म महाराष्ट्र में 3 जनवरी 1831 को हुआ था। जबकि 10 मार्च 1897 में इनका देहावसान हो गया था। यह देश की आजादी के 50 वर्ष पूर्व की घटना है। सावित्री बाई के भीतर बचपन से ही क्रांतिकारी, देश-भक्ति व समाजसेवा की भावना कूट कूट कर भरा हुआ था। उन्होंने अपने परिवार व समाज का हमेशा विरोध का सामना किया। वह एक मराठी कवियत्री भी थी। उन्होंने वर्ष 1852 में बालिकाओं के उत्थान के लिये एक विद्यालय की स्थापना भी किया था। गोराई ने कहा कि पुरे देश में आज की तिथि में शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। जयंती के अवसर पर बोकारो जिला मूलनिवासी संघ के अध्यक्ष प्रकाश दास, पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार महतो, गंगासागर रजक, सविता गोराई, रमित रजक, महेंद्र शाह सहित दर्जनों महिला-पुरुष उपस्थित थे।
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