सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी कर रहा मेला दर्शकों को जागरूक
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार सरकार ने महिला पुलिस बल में 25108 महिलाओं की नियुक्ति कर देश भर में रिकॉर्ड बना लिया है। पुलिस बल में 25108 महिलाओं की नियुक्ति देश भर में सबसे ज्यादा है। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2020-21 में मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना के तहत 40.67 लाख बालिकाओं को 300 रुपए का भुगतान किया गया।
सारण जिला के हद में सोनपुर के हरिहर क्षेत्र मेला के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग बिहार की प्रदर्शनी में लगे पोस्टरों में यह जानकारी प्रदर्शित की गई है। इस प्रदर्शनी के भीतरी दीवारों पर सरकार के विभिन्न विभागों के 22 पोस्टर लगे हैं, जिनमें विभागीय जानकारी प्रदर्शित की गई है।
उक्त प्रदर्शनी में यह जानकारी दी गयी है कि बिहार में शिक्षा के मामले में प्राथमिक कक्षा में लड़कियों के नामांकन अनुपात 99.8 प्रतिशत है। स्वास्थ्य की दृष्टि से 12 से 23 माह तक की पूर्ण प्रतिरक्षित लड़कियां 68.5 प्रतिशत हैं। इस प्रदर्शनी में घूमने वाली लड़कियों का यह श्लोगन खूब पसंद आ रही है कि कम उम्र की शादी रोकें, जीवन की बर्बादी रोकें। 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की की शादी बाल विवाह है और यह कानूनी अपराध है। बैण्ड-बाजा, बाराती, पंडित और सराती सब होंगे बाल विवाह कानून के दोषी। बिटिया मेरी अभी पढ़ेगी, बाल विवाह की सूली नहीं चढ़ेगी और समाज में सुधार लाएंगे मिलकर बाल विवाह, दहेज प्रथा मिटाएंगे का श्लोगन भी किशोरियों को आकर्षित कर रही हैं।
इसके अतिरिक्त मेला प्रदर्शनी में निवेश और रोजगार की नई लहर, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, ऐतिहासिक धरोहरों को संजोएं, थ्री डी में देखिए बिहार, समाज कल्याण विभाग की नारी शक्ति योजना आर्थिक अपराध इकाई, श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार आदि के पोस्टर मेला दर्शकों का ज्ञान वर्धन कर रहे हैं। आर्थिक अपराध इकाई ने अपने पोस्टर में संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर धार्मिक भावना को आहत करनेवाले किसी भी प्रकार का संदेश, ऑडियो, विडियो के रूप में पोस्ट न करें। ऐसा करना कानूनी अपराध है एवं सजा का प्रावधान है। श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार के पोस्टर में बाल श्रम के विरुद्ध बिहार, बाल श्रम दंडनीय अपराध है और आगे बढ़ रहीं बेटियां के श्लोगन गूंज रहे हैं।
प्रदर्शनी में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के फोटो में बताया गया है कि बिहार राज्य की परिसीमा में एकल उपयोग वाले चिह्नित प्लास्टिक, थर्मोकोल समेत विनिर्माण आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर पिछले एक जुलाई 2022 से पूर्ण प्रतिबंध है। इन निर्देशों का उल्लंघन दंडनीय है। आओ बनाएं प्लास्टिक मुक्त बिहार का नारा बुलंद किया गया हैं।
इसके अलावा परिवहन विभाग भी वाहन चालकों को संदेश दे रहा है कि बिना सीट बेल्ट के चारपहिया वाहन नहीं चलाएं। बताया गया है कि वर्ष 2018 में देश भर में जिन 29, 435 मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई वे बिना सीट बेल्ट लगाए चार पहिया वाहन चला रहे थे। उनमें से बिहार में 2474 की मौत हुई है। विभाग ने अफसोस जताते हुए अपनी टिप्पणी में कहा कि काश! सीट बेल्ट पहने होते तो उनकी मौतें नहीं होती। प्रदर्शनी के बाहर दरवाजे वाले भाग के पोस्टरों में बाबा हरिहरनाथ मंदिर, चिड़िया बाजार, झूला, घोड़ा, हाथी बाजार, बैल बाजार, मारुति सर्कस यानी मौत का कुंआ आदि शामिल हैं।
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