रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। लोक आस्था के महापर्व छठ के पहले अर्घ्य के अवसर पर 27 अक्टूबर की संध्या बेला पूरे बोकारो जिले के विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं का महा जुटान देखा गया। बैंड बाजे की धुन, लाउड स्पीकरो पर छठ गीतों की लगातार गायन और फूलझरी व् पटाखों की आवाज ने संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया है।
महापर्व छठ को प्रातःकाल से ही श्रद्धालु परिवारजनों के साथ घाटों की ओर उमड़ पड़े। संध्या समय अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के लिए छठ घाटों पर महिलाओं व पुरुषों की लंबी कतारें लगी रही। घाटों पर भक्ति, आस्था और उत्सव का अनोखा संगम देखने को मिला। छठ मइया के गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया।
जिला के हद में बेरमो, गोमिया, कसमार, पेटरवार, चंद्रपुरा व चास-बोकारो सहित सभी प्रखंडों के प्रमुख तालाबों, नदियों और कृत्रिम जलाशयों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जिला प्रशासन द्वारा छठ पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। जिला उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर सभी घाटों पर प्रकाश, स्वच्छता, बैरिकेटिंग और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई। गोताखोरों की टीम, महिला व पुरुष पुलिस बल, दंडाधिकारी और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई थी।

बावजूद इसके बेरमो प्रखंड के जारंगडीह के खेतको पुल के समीप छठ घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बाद भी न तो प्रशासनिक अथवा सीसीएल प्रबंधन द्वारा रोशनी की व्यवस्था नगन्य रहा। यहां छठ मार्ग को हीं दुरुस्त किया गया था।
महापर्व छठ के मौके पर जनप्रतिनिधियों यथा बेरमो विधायक कुमार जय मंगल सिंह, गिरिडीह के पुर्व सांसद रविंद्र कुमार पांडेय, गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो सहित कई जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न छठ घाटों का भ्रमण कर श्रद्धालुओं से मुलाकात की और पर्व की शुभकामनाएं दी।
स्थानीय समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आम नागरिकों ने भी श्रद्धालुओं को सहयोग करते हुए प्रसाद, जल एवं दीप सामग्री की व्यवस्था की। संध्या अर्घ्य के उपरांत श्रद्धालुओं ने छठ मइया से परिवार की सुख-समृद्धि, राज्य की उन्नति और समाज में शांति की कामना की। दूसरे दिन 28 अक्टूबर को छठ पर्व का समापन होगा।
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