एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 27 सितंबर को समस्तीपुर में असरदार रहा भारत बंद। इस दौरान संयुक्त मोर्चा कार्यकर्ता जगह-जगह सक्रिय दिखे।
बंद समर्थकों की टोली शहर में धूम-धूम कर कराती रही बंद।शहर के ओभर ब्रीज चौराहा पर चक्काजाम में आइसा, इनौस, किसान महासभा, खेग्रामस, ऐपवा की टीम रही शामिल।
किसानों के अलावा राहगीर, दुकानदार, चालक, स्थानीय रहिवासियों ने भी बंद को समर्थन दिया।महंगाई, निजीकरण, कृषि कानून, बिजली विधेयक 2020, 4 श्रम कोड के खिलाफ आहुत भारत बंद के अवसर पर इनौस, ऐपवा, किसान महासभा, खेग्रामस, एक्टू, इंसाफ मंच, मनरेगा मजदूर सभा, आदि।
निर्माण मजदूर यूनियन आदि संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने बैनर तले भाकपा माले के नेतृत्व में अपने-अपने हाथों में झंडे, चायनीज फेसटून आदि लेकर नारे लगाते हुए शहर के मालगोदाम चौक स्थित माले कार्यालय से बंदी जुलूस निकाला।
जुलूस का नेतृत्व सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, जीवछ पासवान, उपेंद्र राय, रामचंद्र पासवान, बंदना सिंह, दिनेश कुमार, सत्यनारायण महतो, ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, माकपा जिला कार्यालय से विधायक अजय कुमार, राम प्रकाश यादव, रधुनाथ राय, भोला राय, लाला प्रसाद, उमेश शर्मा एवं भाकपा जिला कार्यालय से रामचंद्र महतो, प्रेमनाथ मिश्रा, शत्रुधन राय,आदि।
सुधीर कुमार देव आदि के नेतृत्व में निकला जुलूस स्टेशन चौक पर एक साथ होकर मगरदही घाट चौक पर शहीदे आजम भगत सिंह के मूर्ति पर माल्यार्पण के बाद मुख्य मार्ग का भ्रमण करते हुए ओभरब्रीज चौराहा पहुंचकर जुलूस द्वारा सड़क जाम कर दिया। जिससे सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों का कतार लग गया।
मौके पर एक सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता माले के जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार, माकपा के जिला सचिव रामाश्रय महतो, भाकपा जिला सचिव सुरेन्द्र कुमार मुन्ना, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अबू तमीम, राजद जिलाध्यक्ष राजेंद्र सहनी ने किया।
सभा को कांग्रेस के अख्लाकुर रहमान सिद्धकी, डोमन राय, परमानंद कुमार, कृष्ण कुमार राय, विनोद राम, अनील तिवारी, सुनील राय, नवीन कुमार, शंकर सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, चंद्रवीर कुमार, अशोक राय, रजनी देवी, रजिया देवी, नीलम देवी, जीतेंद्र राय, हरेंद्र राय आदि ने संबोधित करते हुए जन मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर आहूत भारत बंद को पूर्णरूपेण सफल बताया।
स्थानीय नागरिक, दुकानदार, राहगीर, चालक आदि ने अपने वाहन, प्रतिष्ठान, संस्थान, कार्यालय बंद कर बंदी को समर्थन किया। बंद शांतिपूर्ण रहा।
जिला प्रशासन द्वारा बंद समर्थकों से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किये गये थे। नगर थानाध्यक्ष, मुफस्सिल थानाध्यक्ष समेत अन्य अधिकारियों से वार्ता के बाद महागठबंधन के नेताओं ने जाम समाप्ति की घोषणा की। आंदोलन से लगी जाम के कारण शाम तक पूरा शहर अस्त- व्यस्त रहा।
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