श्रीकृष्ण ने राधा को सावन की रिमझिम फुहारों के बीच झुलाया था झूला-लक्ष्मणाचार्य
झूला झूले रे राधा नंद किशोर आया सावन का महीना गीत पर झूमें श्रद्धालू
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित श्रीगजेन्द्रमोक्ष देवस्थानम दिव्यदेश नौलखा मंदिर में पांच दिवसीय झूला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा हैं। झूला महोत्सव के दूसरे दिन 5 अगस्त को उत्सव की धूम रही। इस दौरान भजन – कीर्तन का भी दौर चला। श्रद्धालु राधा -कृष्ण के भजन पर खूब झूमें।
इस अवसर पर झूला झूले रे नंद किशोर आया सावन का महीना और आई बागों में बाहर झूला झूले राधा रानी जैसे भजनों ने महोत्सव को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने युगल जोड़ी राधा- कृष्ण के साथ-साथ भगवान श्रीवेङ्कटेश, श्रीदेवी, श्रीभूदेवी को भी झूला झुलाया।
इस दौरान भगवान के दर्शन के लिए समर्पित श्रद्धालु भक्तगण दिव्य देवस्थान पहुंचते रहे। भगवान श्रीबालाजी वेंकटेश्वर गर्भगृह से निकलकर झूले पर विराजमान किए गये। पूरे परिवार के साथ झूले पर विराजमान होकर भगवान ने अपने श्रद्धावान भक्तों को दर्शन दिया।
द्रविड़ पद्धति से की जाती है श्रीगजेन्द्र मोक्ष भगवान की पूजा
हरिहरक्षेत्र सोनपुर का श्रीगजेन्द्रमोक्ष देवस्थान मंदिर उत्तर बिहार का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां प्रतिदिन भगवान श्रीगजेन्द्रमोक्ष की पूजा द्रविड़ पद्धति से की जाती है। इस झूला उत्सव के अवसर पर हरिहरक्षेत्र पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जब भगवान श्रीबालाजी वेङ्कटेश और भगवान श्रीकृष्ण पांच दिन के लिए गर्भगृह से बाहर आकर झूला पर विराजते हैं और अपने भक्तों को दर्शन देते हैं।

कहा कि भगवान कृष्ण और राधा रानी के इस प्रेममयी स्वरूप को याद करते हुए भक्तगण झूले झूलते समय मधुर भजन और गीत गाते हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
इस अवसर पर देवस्थान प्रांगण में भजन गायक श्रीलाल पाठक, ओंकार सिंह, प्रह्लाद कुमार, कान्ति देवी, फूल देवी सहित अन्य माताओं द्वारा झूला गीत गाए गए।
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