आभास क्लीनिक की महिला चिकित्सक ने पीड़िता की बचाई जान
एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जेनरल अस्पताल की असंवेदनशीलता का एक उदाहरण सामने आया है। गरीब तबके की प्रसव पीड़ित महिला को बिना ब्लड चढ़ाए बोकारो के बीजीएच जैसे बड़े अस्पताल ने वापस भेज दिया। वह तो भगवान भला करे, फुसरो के ब्लाॅक काॅलोनी स्थित डॉ एस कुमार का जिन्होंने उस महिला को अपने आभास क्लीनिक में भर्ती तो किया ही, इससे पहले उस महिला का सुरक्षित प्रसव भी कराया था।
यह सारा क्रम बीते 9 अप्रैल को सुबह से लेकर रात तक का बताया जा रहा है। इस क्रम में शामिल फुसरो स्थित अनुमंडलीय अस्पताल बेरमो की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के हद में बेरमो प्रखंड के बैदकारो बस्ती निवासी बाल गोविंद चौहान की गर्भवती पत्नी अनिता देवी (25 वर्ष) को बीते 9 अप्रैल की सुबह यकायक दर्द शुरू हुआ। ऐसे में उसे सबसे पहले फुसरो स्थित अनुमंडलीय अस्पताल बेरमो लाया गया।
हालांकि स्थिति गंभीर बताते हुए उसे भर्ती नहीं लिया गया। तब दर्द से करार्हती महिला को जरा दूर फुसरो के ब्लाॅक काॅलोनी स्थित आभास क्लीनिक ले जाया गया। यहां की डाॅ एस कुमार ने अपनी दक्षता का पुन: परिचय देते हुए महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। महिला को बेटी हुई। डॉ एस कुमार ने बताया कि महिला का पहला प्रसव सीजर से हुआ था।
यह दूसरा प्रसव भी सीजर ही होना था, परंतु सुरक्षित डिलीभरी कराया गया। हालांकि खून की कमी के कारण महिला को बोकारो के बीजीएच रेफर कर दिया गया। परंतु यह क्या, अंदरुनी कारण चाहे जो भी रहा हो, महिला की स्वास्थ्य की स्थिति अति गंभीर बताते हुए बीजीएच द्वारा अन्यत्र ले जाने की बात कहते हुए वापस लौटा दिया गया।
तब जाकर 9 अप्रैल की रात महिला को पुन: फुसरो के ब्लाक काॅलोनी स्थित आभास क्लीनिक लाया गया। क्लिनिक की चिकित्सक डॉ एस कुमार ने अपने ऊपर सब लेते हुए महिला को न सिर्फ भर्ती कराया बल्कि अब महिला ठीक भी है। महिला व उसके परिजनों ने डॉ एस कुमार को भगवान बताते हुए आभार जताया है।
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