सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में सेल का गुवा चिकिसालय में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जा रही हैं।
अस्पताल के वरीय चिकित्सक सह महाप्रबंधक डॉ अशोक कुमार अमन की देख रेख में यहां बेहतर चिकित्सिय सुविधा मरीजों को दी जा रही है।
एक भेंट में 30 अगस्त को गुवा अस्पताल के वरीय चिकित्सक सह महाप्रबंधक डॉ अशोक ने बताया कि यह ध्यान देने योग्य है कि गुवा क्षेत्र में अब सीएसआर के तहत गाँवो की संख्या 8 से बढ़कर 18 हो गयी है। बताया कि अस्पताल में 80 प्रतिशत भर्ती मरीज ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं। कहा कि अस्पताल परिसर में साफ सफाई पर पूरा ध्यान रखा जा रहा है लेकिन इसकी जिम्मेदारी के लिए अस्पताल कर्मचारियों के साथ -साथ जनता के सहयोग की भी अपेक्षा है।
उन्होंने बताया कि मरीजों तथा उनके परिजनों द्वारा प्रयोग में लाने वाले पान, खैनी, गुटखा के सेवन से अस्पताल की साफ सफाई पर बुरा प्रभाव पड़ता है। बताया कि वर्तमान मे सेल गुवा अस्पताल में मात्र 7 मेडिकल अफसर से सुचारु रूप से सेवा दी जा रही है। मरीजों की देखरेख के अतिरिक्त के वाबजूद भी सेवा के अन्य कार्यो में कोई कमी नही की जा रही है। कहा कि पहले यहां 16 डॉक्टर सेवा में थे। वर्तमान में कम संसाधनों के बाद भी तीन शिफ्ट में चिकित्सक इलाज के लिए 24 घंटे तत्पर रहते है। जिसका खामियाजा उनकी निजी पारिवारिक जिंदगी पर पड़ता है।
डॉ अशोक के अनुसार सेल गुवा अस्पताल 60 बेड का है, जबकि 85 मरीज भर्ती है। सेल गुवा में रेलवे, बैंक, पोस्ट ऑफिस एवं स्कूल के कर्मियों का भी इलाज होता है। कुल मिलाकर लगभग 25000 आबादी का इलाज मात्र 7 मेडिकल आफिसर्स एवं एक दर्जन नर्सो द्वारा की जा रही है। कहा कि जहाँ तक दवाओं की बात है, चिकित्सालय में दवा की कोई कमी नहीं है। नए लेटेस्ट महंगे मेडिसिन जो अपोलो जैसे हॉस्पिटल में लिखें जाते है, अलग अलग मेडिसिन पूरी तरह उपलब्ध है। बताया कि गुवा के अस्पताल में सुदूर गाँव से एम्बुलेंस से मरीजों को लाया जाता है और इलाज कर पहुंचाया जाता है। तीनों समय स्वादिस्ट खाना मिलता है, जिसमें अंडा, फल और मछली भी शामिल है।
आईजीएच राउरकेला (ओडीशा) भेजने की मुफ्त व्यवस्था है। वर्तमान मे 7 नए नर्स और 2 नए लैब तकनीशियन की बहाली की गयी है, जिससे मरीजों की देखभाल और बेहतर हुई है। कहा कि आम जनता को भी समझना होगा कि साधारण सर्दी, खांसी, बुखार के लिए भर्ती ना हो। ओपीडी से दवा लेकर उपचार करें, ताकि गंभीर बीमार के लिए बेड व् एडमिट करने के लिए रिज़र्व रखा जाय।
इस अवसर पर सीटू नेता रमेश गोप ने कहा कि गुवा अस्पताल को सुचारु रूप से चलाने में राजनैतिक हस्तीयों को अस्पताल को राजनैतिक अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए। अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए। अस्पताल का माहौल अच्छा रहे, ताकि गुवा आने से नए डॉक्टर्स डरे और घबराये नहीं। बाकि नए डॉक्टर्स और स्टॉफ लाने के प्रयास सेल प्रबंधन द्वारा जारी है। स्पेशलिस्ट टेलीमेडिसिन और आइसीसीयू बनाने की प्रक्रिया जारी है।
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