शत्रु कीटों को पहचान कर फसलों की सुरक्षा करता है मित्र कीट
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला के कृषि प्रदर्शनी प्रांगण में सहायक निदेशक पौधा संरक्षण, सारण के प्रदर्शनी स्टॉल में फसलों की सुरक्षा के लिए तथ्यात्मक जानकारियों को प्रदर्शित किया गया है।
जानकारी के अनुसार प्रदर्शनी में किसानों को शत्रु कीट और मित्र कीट की पहचान भी कराई जा रही है। मित्र कीट शत्रु कीटों की पहचान कर उनसे फसलों की सुरक्षा करता है। बिहार के किसानों की सबसे बड़ी समस्या लाही के आक्रमण से होने वाली फसलों का नुकसान है, जिससे बचाव के लिए एलो स्टेटिक टेप उपकरण का प्रदर्शन किसानों को लाभान्वित कर रहा हैं।

प्रदर्शनी में लगाए गये सभी 30 पोस्टर पौधा संरक्षण से जुड़े हैं, जो किसानों को पौधा संरक्षित करने का उपाय बता रहे हैं। बताया गया है कि एलो स्टेटिक टेप लाही को कवर कर लेता है। इसके लिए बजाप्ता स्टॉल के भीतर खेती, उसमें फसल उगाकर दिखाया गया है, जहां लाही को कवर करने के लिए एलो स्टेटिक टेप टांग दिया गया है। जिसमें लाही आकर कैसे चिपकता है यह स्पष्ट दिख रहा है।
फसल सुरक्षा के लिए खेत में बनाया गया पक्षी बैठका
मेला प्रदर्शनी में मौजूद कृषि विभाग पौधा संरक्षण विभाग सोनपुर के कामदार अवधेश कुमार एवं अरुण कुमार 28 नवंबर को एक भेंट में बताते हैं कि फसल सुरक्षा के लिए खेत में पक्षी बैठका बनाया गया है, जिससे किसान लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा यहां खेत में बेबी कॉन मक्का एवं मटर की खेती दिखाई जा रही है। जिसमें मक्का और मटर की फसल दिखाई पड़ रही है। इस मक्का से सब्जी बनती है।
प्रदर्शनी में किसानों को मित्र कीटों के बारे में जानकारी दी गई हैं, जिनसे फसलों की सुरक्षा होती है। ऐसे मित्र कीटों की श्रेणी में ट्राइकोग्रामा, मकड़ियां, सिरफिड मक्खी, नेविस, मिरिड बग, एपेंटलिस, ओकारिस, काइसोपर्ला आदि शामिल है, जो दुश्मन कीटों का भक्षण कर जाते हैं। जबकि दुश्मन किट फसलों को ऐसे कीटो से सुरक्षा देते है।
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