शिफ्टिंग काम आपस मे सामंजस्य बनाकर करें-एसडीओ
एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में दो माह से बंद सीसीएल बीएंडके क्षेत्र की कारो कोलियरी को चालू किये जाने सम्बंधी उत्पन्न अड़चनों को दूर करने के उद्देश्य से 17 अगस्त को करगली आफिसर्स क्लब में बैठक आयोजित किया गया। बैठक में बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) व सीसीएल अधिकारियों ने कारो के रैयतों व ग्रामीणों के साथ किया।
बैठक में रैयतों से उनकी समस्याओं के बारे में अलग से पूछताछ की गयी। अनुमंडल पदाधिकारी शैलेश कुमार ने रैयतों से कहा कि कारो कोलियरी चालू करने के दौरान यहां उनके अधिकार व हितों को पुरी तरह से ध्यान दिया जाएगा। कोलियरी में भूमि देने वाले रैयत को उसका उचित अधिकार से वंचित नही किया जा सकता है।
इसका ख्याल प्रबंधन को करना ही होगा। उन्होंने कहा कि सीसीएल द्वारा अधिग्रहित भूमि का सत्यापन कर रैयतों को नियोजन, मुआवजा व पुनर्वास दी जाएगी। इसके पूर्व प्रबंधन भूमि की स्थिति स्पष्ट करें तथा भूमि सत्यापन का कार्य धरालत में उतारने को अग्रसर हो।
एसडीओ ने कहा कि शिफ्टिंग का काम आपस मे सामंजस्य बनाकर करें।
बीएंडके क्षेत्र के महाप्रबंधक एम के राव ने कहा कि रैयतों व विस्थापितों को उसके अधिकार से वंचित नही किया जायेगा। उन्होंने कहा कि विस्थापितो को पुनर्वास स्थल पर बसाने के लिए सीसीएल द्वारा 6•40 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। जिसमें विस्थापितों को बिजली, पानी सामुदायिक भवन, सड़क, मंदिर, खेल मैदान, तलाब, सोलर लाइट, बाउंड्री वाल, विवाह मंडप आदि का निर्माण कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोल इंडिया प्रबंधन के द्वारा विस्थापितों को स्थानांतरण के नाम पर विस्थापित परिवार के सदस्य को 6 लाख रुपए या 5 डिसमिल जमीन देने का प्रावधान है। जो जमीन लेना चाहते हैं उन्हें जमीन दी जाएगी। जो जमीन नहीं लेना चाहते हैं उसके एवज में 6 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। जीएम राव ने कहा कि देश में कोयला आपूर्ति कोल इंडिया करती है। उसकी इकाई होने के नाते सीसीएल की जवाबदेही बढ़ जाती है।
वार्ता में ग्रामीणों ने कहा कि कारो बस्ती के रहिवासी एक साथ एक स्थान पर बसना चाहते हैं। हम सभी घुटियाटांड़ के निकट स्लरी पाइंट में पुनर्वासित होने को तैयार हैं। प्रबंधन इस दिशा में सकारात्मक पहल नहीं कर रहा है।
मौके पर बेरमो बीडीओ सह सीओ मधु कुमारी, अंचल निरीक्षक जमील अख्तर, बीएंडके क्षेत्र के क्षेत्रीय विक्रय प्रबंधक मनोज सिंह, एसओ पीएंडपी एस के झा, मैनेजर जीएन सिंह, ग्रामीणों में जीबू विश्वकर्मा, मेघलाल महतो, परशुराम सिंह, अमर कुमार सिंह, सोहनलाल मांझी, तुलसी विश्वकर्मा, संजय भोक्ता, मंटु गोस्वामी, अजय गंझू, संजय गंझू, कामनी देवी सहित सैकड़ों ग्रामीण रहिवासी उपस्थित थे।
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