सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में राजकीयकृत उच्च विद्यालय बड़ाजामदा की स्थापना वर्ष 1963 में स्थानीय ग्रामीणों के प्रयास से किया गया था। विद्यालय के बढ़ते चरण विद्यालय के विकास का संकेत दे रहा है।
जानकारी के अनुसार वर्तमान में इस विद्यालय में 450 बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षण प्रदान करने हेतु शिक्षकों को कृत संकल्पित हो कार्य करते हुए देखा जा रहा है।स्थापना के बाद से उच्च शिक्षा प्रदान करने के लक्ष्य के तहत झारखंड सरकार ने कहीं से भी कोई कसर नहीं छोड़ा है। विद्यालय में बेहतर से बेहतर शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
स्कूल के प्राचार्य अनिल मिंज के साथ- साथ विद्यालय में प्रतिनियुक्त 3 पीजीटी, दो टीजीटी, दो वोकेशनल स्टाफ एवं 2 लिपिक, दो चतुर्थवर्गीय कर्मी के द्वारा विद्यालय का संचालन निरंतर जारी है।
विद्यालय बेहतर शिक्षण हेतू कंप्यूटर कक्ष व प्रयोगशाला कक्ष के साथ-साथ स्कूल की उत्कृष्ट आकर्षक बिल्डिंग क्षेत्र के रहिवासियों व बच्चों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। विद्यालय के मैट्रिक एवं कक्षा द्वादश वर्ग के बच्चों का परीक्षा परिणाम आकर्षक रहा है।
विद्यालय के बच्चे अच्छा अध्ययन कर विद्यालय की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनाई है। इस विद्यालय का छात्र इंद्रजीत सिंह देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। इसी क्रम में छात्र इंद्रजीत को भारत सरकार द्वारा जापान जाने का अवसर मिला है।

बुनियादी तौर से यह विद्यालय दो मंजिला किए जाने हेतु विद्यालय के भवन के ऊपर की दूसरी मंजिल का निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। लंबे अरसे के बाद भी भवन अर्ध – निर्मित अवस्था में विगत वर्षों से इंतजार में है।
इस संदर्भ में स्कूल के प्राचार्य अनिल मिंज ने बताया कि निर्माण कार्य से संबंधित ठेकेदार के उदासीनता एवं निष्क्रियता के कारण विद्यालय के दूसरे तल के कमरों का निर्माण स्वाभाविक रूप से रुका हुआ है।
(Jharkhand Government) अगर झारखंड सरकार पहल करे तो यह जर्जर व अर्द्ध निर्मित मंजिल के कमरों का निर्माण संभव हो सकता है। विद्यालय के शिक्षक शांतनु कुमार नायक, अनीता यादव, इंसा निगार, दलेश्वर साहू व अन्य के द्वारा विद्यालय उत्तरोत्तर विकास की ओर अग्रसर है।
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