बंकिम चंद्र चटर्जी एक सच्चे देशभक्त थे-डॉ मनोज कुमार
सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में गुवा स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में 26 जून को वन्देमातरम् गान के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी की जयंती मनायी गयी।
डीएवी गुवा के प्राचार्य की अध्यक्षता में बंकिम चंद्र चटर्जी की जयंती स्कूल के प्रार्थना सभा में मनाई गई। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ मनोज कुमार ने प्रार्थना सभा में बच्चों को बताया कि बंकिम चंद्र चटर्जी का जन्म 26 जून 1838 में तथा उनकी मृत्यु 8 अप्रैल 1894 को हुई थी। उन्होंने बताया कि बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1874 में वन्देमातरम् की रचना की थी।
जिसे बाद में आनन्द मठ नामक उपन्यास में शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1875 में बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखी गई एक कविता है, जिसे 1882 में उनके उपन्यास आनंदमठ में अतिरिक्त छंदों के साथ जगह मिली। जिसका अर्थ है मैं आपकी प्रशंसा करता हूं, मां या मैं आपकी प्रशंसा करता हूं। आपके लिए, माँ वंदे मातरम् 1937 से भारत का राष्ट्रीय गीत रहा है।
मातृभूमि को जागृत करने के लिए भारतीयों की पीढ़ियों द्वारा गाया जाने वाला यह गीत बंगाली लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखा गया।डीएवी गुवा के प्राचार्य ने बच्चो में राष्ट्र प्रेम जागृत कर कहा कि बंकिम चंद्र चटर्जी एक सच्चे देशभक्त बनने के लिए उन्हे प्रेरित किया।
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