फिरोज आलम/जैनामोड़(बोकारो)। बाबा तिलका मांझी (Baba Tilka Manjhi) का 236 वां शहादत दिवस 13 जनवरी को बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में जैनामोड़ के बाबा तिलका मांझी चौक पर मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उनके प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया।
मौके पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बाबा तिलका मांझी ने अंग्रेजो के खिलाफ एक लंबी लड़ाई लड़े थे। जिनको बिहार के भागलपुर में अंग्रेजों ने एक पेड़ पर फांसी दे दी थी। वक्ताओं ने कहा कि बाबा तिलका मांझी का जन्म 11 फरवरी 1750 को एक गरीब संथाल परिवार में तात्कालीन बिहार के सुल्तानगंज में तिलकपुर गांव में हुआ था। बचपन से ही वे अंग्रेजों के शोषण को बर्दाश्त नहीं करते थे। बाबा तिलका मांझी के शहादत दिवस पर सोनते संथाल समाज और आत्मा सुसर समिति जरीडीह प्रखंड के सामाजिक संगठनों के तत्वाधान में मनाया गया। अध्यक्षता कर रहे सोहराय हांसदा ने पुष्प अर्पित करने के साथ प्रार्थना की। इस मौके पर आलोक हेंब्रम, अमरदेव हेंब्रम, गौरीशंकर बेसरा, बाबू चंदू, महेश मरांडी, रितेश हेंब्रम, नीरू देवी, श्रीकांत मुर्मू, करमचंद हांसदा, महेश श्याम टूडू, सुकमार मुर्मू आदि शामिल थे।
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