प्रहरी संवाददाता/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। श्रावण मास के दूसरे सप्ताह के सोमवार 29 जुलाई को पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में जिला मुख्यालय चाईबासा सहित दर्जनों देवालयों में भक्तों की लम्बी कतारें देखी गई। श्रद्धालुओं ने हाथों में फूल – फल, दीप – धूप और कलश में जल, दूध लेकर बाबा भोलेनाथ को अर्पित किए।
इस अवसर पर तमाम देवालय पूरी तरह से सुसज्जित होकर बाबा के भक्तों के लिए तैयार दिखी। डीएवी गुवा की एक छात्रा को शिव भक्ति में लीन देखा गया।
इस अवसर पर पुजारी प्रभात पाणीग्रही ने कहा कि बाबा भोले नाथ की भक्ति में शक्ति है। वे त्रिदेवों में एक देव हैं। कहा कि उन्हें देवों के देव महादेव भी कहते हैं। इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, भिलपती, भिलेश्वर,रुद्र, नीलकंठ, गंगाधार आदि नामों से भी जाना जाता है।
तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार रावण को शिव का परम भक्त कहा गया है, क्योंकि रावण ने देवाधि देवी शिव को पाने के लिए ऐसी तपस्या की थी जो आजतक कभी किसी ने नहीं की है।
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