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सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। महिला एवं बाल विकास निगम सारण, जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं गरखा थाना के संयुक्त तत्वावधान में सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यह आयोजन बीते 2 जनवरी को सारण जिला के हद में गरखा ब्लॉक के प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला मिशन समन्वयक निभा कुमारी ने बाल विवाह, लेगिंग हिंसा जैसे सामाजिक मुद्दे पर गंभीर चर्चा के साथ की, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया।

उन्होंने बताया कि लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है, इससे पूर्व विवाह होने पर जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है। उन्होंने बाल विवाह को एक सामाजिक बुराई बताते हुए कहा कि यह बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को गहराई से प्रभावित करता है। इसे समाप्त करने के लिए सभी से सजग रहने और इसकी सूचना पंचायत या जिला प्रशासन को देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह बालिका के संपूर्ण जीवन को प्रभावित कर देता है, जिससे वह कभी पूरी तरह उबर नहीं पाती। उन्होंने बाल विवाह और घरेलू हिंसा के मामलों में सहायता के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर एवं 181 हेल्पलाइन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता न्याय बिहार सुनीता कुमारी के द्वारा भी बाल विवाह पर महिलाओं को जागरूक किया गया और देश में विकसित न्याय प्रणाली के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। इनके द्वारा बाल विवाह से संबंधित प्रथा के बारे में विस्तार से बताया गया और उपस्थित जनों को जागरूक किया गया।सारण पुलिस प्रशासन की ओर से सम्मिलित गरखा थाना के थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी फैज़ल चांद के द्वारा बाल विवाह पर हो रही घटनाओं से अवगत कराया गया एवं हर संभव पुलिस प्रशासन की तरफ से मदद पहुंचाने की बात कही गई। साथ ही साथ आमजनों को जागरूक किया गया।

डिस्ट्रिक्ट हब फॉर विमेन एंपावरमेंट के फाइनेंशियल लिट्रेसी एक्सपर्ट सतेंद्र कुमार ने बाल विवाह के विरोध को सशक्तिकरण से जोड़ते हुए कहा कि न तो यह व्यक्तिगत विकास के लिए उचित है और न ही समाज के लिए लाभकारी। उन्होंने प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में सभी के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया तथा इसकी शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 181 महिला हेल्पलाइन (महिलाओं के लिए), 1098 चाइल्डलाइन (बच्चों के लिए) और आपात स्थिति में 112 (पुलिस) पर संपर्क करने की सलाह दी।

साथ ही उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की वित्तीय सेवाओं के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर जिला हब फॉर एम्पॉवर्मेंट ऑफ विमेन की जेंडर विशेषज्ञ सुजाताश्री, जिला विधिक सेवा के पीएलवी उमेश राय, जीविका समूह से ग्रामीण महिलाएं, पुरुष, बालिका एवं बड़ी संख्या में अन्य उपस्थित थे।

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