रंजन वर्माकसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में जारीडीह प्रखंड के बहादुरपुर स्थित सहयोगिनी कार्यालय में सुरक्षित गर्भ समापन पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुमारी किरण ने कहा कि गर्भावस्था का चिकित्सीय समापन अधिनियम (संशोधन) 2021 की जानकारी ग्रामीण क्षेत्र में नहीं होने के कारण इसका लाभ महिला वर्ग को नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि 20 सप्ताह से कम का गर्भकाल का गर्भ समापन के लिए गर्भवती की सहमति या, यदि अल्प वयस्क या मानसिक रूप से बीमार महिला का मामला है तो उनके अभिभावक की सहमती जरूरी है। साथ ही एक आरएमपी की राय होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि नए कानून के अनुसार 20 से 24 सप्ताह का गर्भकाल की समाप्ति के लिए 24 सप्ताह से अधिक का गर्भकाल गर्भवती की सहमति या, यदि अल्पवयस्क या मानसिक रूप से बीमार महिला का मामला है तो उनके अभिभावक की सहमति और डिकल बोर्ड द्वारा भ्रूण में असंगति का पता लगाया जाना चाहिए।
जिसके बाद एमटीपी अधिनियम के तहत गर्भ समापन किया जा सकता है। इस बारे में कितने आरएमपी की राय ली जाएगी यह पूरी तरह से गर्भकाल पर निर्भर है। यह गर्भ समापन के लिए दिए गए कारण पर बिल्कुल निर्भर नहीं करता है।
कुमारी किरण ने बताया कि बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के तीन पंचायतों में महिलाओं एवं किशोरियों के बीच जागरुकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
इस अवसर पर फुलेंद्र रविदास, रवि कुमार राय, प्रवीण कुमार, राजकिशोर शर्मा, अनिल हेंब्रम, सरोज कुमार, सोनी कुमारी, पूर्णिमा देवी, अंजू देवी, विकास गोश्वामी, मंजू देवी, मीना देवी, पुष्पा देवी, उस्मान अंसारी, सूर्यमणि देवी, मिंटी सिन्हा, अन्नत कुमार, अशोक कुमार आदि उपस्थित थे।
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