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एसएन हाई स्कूल गुवा में मादक पदार्थ रोकथाम पर जागरूकता अभियान

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में नोवामुंड़ी प्रखंड के गुवा स्थित एसएन हाई स्कूल में 24 जून को जेएसएलपीएस की महिलाओं ने मादक पदार्थ रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान चलाया।

इस दौरान जेएसपीएल की महिलाओं द्वारा मुख्य अतिथि गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार, विशिष्ट अतिथि प्रभारी प्रधानाध्यापक रुद्र नारायण समद की उपस्थिति में मादक पदार्थ जैसे शराब, गुटखा, तंबाकू आदि नशीली चीजों का सेवन करने से उसके क्या-क्या दुष्प्रभाव होते हैं की जानकारी स्कूली बच्चों को दी गई। इस जागरूकता अभियान के तहत बच्चों से मादक पदार्थों का सेवन न करने की अपील की गयी।

साथ ही कहा गया कि शराब, तंबाकू, मारिजुआना अथवा किसी अन्य मादक द्रव्य के बार-बार और लंबे समय तक सेवन से उसकी लत लगने की प्रबल संभावना होती है। मादक द्रव्यों के दीर्घकालीन उपयोग से कई प्रकार के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी यथा पागलपन, अवसाद, उत्तेजना, आक्रामकता आदि से ग्रसित हो सकते हैं।

जागरूकता कार्यक्रम में कहा गया कि अधिकांश मादक द्रव्य इंसान के हृदय तथा रक्त वाहिकाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं, जिससे असामान्य हृदय गति और यहाँ तक कि हृदयाघात की संभावना बढ़ जाती है। कहा गया कि धूम्रपान से ब्रोंकाइटिस, वातस्फीति और फेफड़ों का कैंसर हो सकता है। ओपियेट्स सांस लेने की गति को धीमा कर सकते हैं। वायु मार्ग को अवरुद्ध कर सकते हैं या अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। मादक द्रव्यों का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है।

तत्संबंधी व्यवहार यथा सूई को साझा करना संक्रमण के खतरे को बढ़ाता है। इससे इंसान के एचआईवी/ हेपटाइटिस से ग्रसित होने की खतरा बढ़ जाती है। मादक द्रव्यों के सेवन से शरीर के अंगों विशेषकर फेफड़ों, हृदय आदि को नुकसान पहुँचता है। मादक द्रव्यों के सेवन का प्रभाव व्यक्ति के फेफड़ों पर पड़ता है, जिससे साँस लेने में दिक्कत और श्वसन संबंधी कई प्रकार की परेशानियां हो सकती हैं। इसका अधिकांश सेवन व्यक्ति के मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे सोचने, समझने और किसी वस्तुस्थिति में प्रतिक्रिया व्यक्त करने की क्षमता प्रभावित होती है।

नियमित सेवन से व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, जिसका सीधा असर व्यक्ति के रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है। यह शरीर के पोषक तत्वों के अवशोषण की क्षमता को कम करता है, जिसका असर व्यक्ति के पोषण स्तर पर पड़ता है। लंबे समय तक मादक द्रव्यों का सेवन दाँतों, मसूड़ों और मौखिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है। इससे दाँतों में दर्द की समस्या होती है। इससे दर्द के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है। बार-बार असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों, शिक्षक, शिक्षिका ने शपथ ग्रहण किया। मौके पर थाना प्रभारी नीतीश कुमार, प्रभारी प्रधानाध्यापक रुद्र नारायण समद, जेएसएलपीएस जेंडर सीआरपी गीता देवी, ममता देवी, बाल अधिकार मंच के पदमा केसरी सहित अन्य मौजूद थे।

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