एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग कोल वाशरी के मजदूरों के नाम पर बीते 4 फरवरी को माहाप्रबंधक कार्यलय में नियोजन की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन को अवार्डधारी मजदूरों ने फर्जी करार दिया है। साथ ही बेवजह ममले को लटकाने की साजिश का आरोप लगाया है।
इस संबंध में अवार्डधारी मजदूरों ने 5 फरवरी को क्षेत्र के महाप्रबंधक को पत्र प्रेषित कर बीते कल की प्रदर्शन को फर्जी करार दिया है। कहा गया कि कंपनी द्वारा फर्जी तरीके से नियोजन प्राप्त करने के खिलाफ काम से बैठाए गए फर्जी मजदूरों से कंपनी द्वारा वेतन भुगतान की राशि की वापसी करने की प्रक्रिया तेज करे।
मौके पर झामुमो नेता एवं अवार्डी मजदूरों के हितार्थ सहयोगी मुमताज आलम ने महाप्रबंधक कार्यालय परिसर में एक भेंट में कहा कि जिसे सीसीएल फर्जी घोषित कर पूर्व में बर्खास्त कर चुकी है, उन्हें इस मामले में हस्ताक्षेप का अधिकार नहीं है।
मुमताज अलम ने कहा की 4 फरवरी को माहाप्रबंधक कार्यलय पर विनोद रजक, प्रदीप विश्वकर्मा, विशेश्वर चौहान, पुनीराम यादव, लखन रवीदास, छोटन मांझी, पुनम देवी, उर्मिला देवी, भखला केवट आदि को न्यायालय द्वारा फर्जी मानकर जिन्होंने केस क्रमांक 58/1992 के तहत स्वांग वाशरी तथा अन्य स्थलों में नियोजन पाया था।
उन्हें न्यायालय तथा सीसीएल प्रबंधन द्वारा बर्खास्त कर दिया गया है। जिसमें विनोद रजक को व्यवहार न्यायालय तेनुघाट द्वारा केस को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि विशेश्वर चौहान, प्रदीप विश्वकर्मा, पुनीतराम यादव, पुनम देवी, उर्मिला देवी, भखला केवट का मामला विचाराधीन है। वहीं इसी से संबंधित लखन रविदास तथा छोटन रविदास का मामला उच्च न्यायालय रांची में विचाराधीन है।
आलम ने कहा कि वैसे फर्जी मजदूर अभी जब उनके (आवार्डी मजदूर) के मामले में सीसीएल प्रबंधन संज्ञान लेते हुए कमिटी गठित कर दिया है जिसके सदस्य के तौर पर आवार्डी मजदूर महेंद्र रजक को नामित किया गया है। इस परिस्थिति में मामले को पेचीदा बनाने के उद्देश्य से आंदोलन कर अड़ंगा डालने का प्रयास किया जा रहा है।
आवार्डी मजदूर डिविजन सिंह ने प्रबंधन पर इस ममले में साजिश रचने का आरोप लगाया। कहा कि प्रबंधन वस्तविक मजदूरों को नियोजन देने से बचने का कुचक्र कर रही है।
इस अवसर पर आवार्डी मजदूर डिविजन सिंह, बुटकी बाई, महेंद्र रजक, शिवराम निषाद, भारत राम, सोना देवी, लखन जांगड़े, बोध राम, दुर्योधन धोबी आदि मौजूद रहे।
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