सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। झारखंड की संस्कृति तथा परंपरा को बचाने के लिए हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पदयात्रा पर निकले बोकारो के आर्य गुप्ता बीते 13 मई को पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में किरीबुरू पहुंचे। यहां उनका कई रहिवासियों ने हौसला बढ़ाया।
इस दौरान सभी उनसे बेहद उत्साह के साथ मिले और उनकी इस पहल की सराहना की। इससे पहले आर्य गुप्ता बीते 11 मई को गुवा पहुंचे। जहां स्थानीय गणमान्य रहिवासियों ने उनका हौसला बढ़ाते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्ति के लिए कामना किया।
ज्ञात हो कि आर्य गुप्ता गुवा में बीएमएस कार्यालय में दो रात विश्राम के बाद किरीबुरू के लिए रवाना हो गए। इस दौरान आर्य ने बताया कि झारखंड में रहिवासियों की आवश्यकता से जुड़ी सभी चीजें है। यहां खूबसूरत जंगल, पहाड़, प्राकृतिक झरना, खनिज व वन सम्पदा मौजूद है।
यहां की कला-संस्कृति, वेश-भूषा तमाम जनों को आकर्षित करती है। उन्होंने कहा कि झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देकर बडे़ पैमाने पर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। पर्यटन बढ़ने से रोजगार की संभावना बढे़गी। उन्होंने सभी से झारखंड के जंगलों व पर्यटक स्थलों को बचाने की अपील की।
कहा कि वह गांव-गांव जाकर रहिवासियों को कला, संस्कृति व आदिवासी परंपरा की रक्षा के अलावा जंगल बचाने का भी आग्रह कर रहे हैंं। झारखंड के स्वतंत्रता सेनानी व जन नायकों से भी मुलाकात कर उनके योगदान को जानने व रहिवासियों को अपनाने की अपील कर रहे हैं। बता दें कि आर्य गुप्ता ने बीते वर्ष 2022 के 18 दिसंबर को बोकारो से इस पदयात्रा की शुरुआत की थी। तब से वे लगातार पदयात्रा कर रहे हैं।
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