आधा दर्जन से अधिक दुकानों के निर्माण कार्य में आयी तेजी
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला क्षेत्र बसना शुरू हो गया है। मौसम की खराबी के बावजूद मेला क्षेत्र में व्यवसायियों का आगमन जारी है। मेला के कश्मीरी बाजार में कपड़ा व्यवसायियों ने अपनी दुकानों को सजाना शुरू कर दिया है। आधा दर्जन से अधिक कश्मीरी दुकानदार अपने गर्म कपड़े लेकर मेला में आ चुके हैं। उनकी दुकानें सजनी -संवरनी शुरू हो गई है। सोनपुर के कश्मीरी बाजार में चहल -पहल शुरू हो गया है।
कश्मीरी व्यापारियों ने 31 अक्टूबर को भेंट में बताया कि अभी दुकानों को व्यवस्थित किया जा रहा है। हर उम्र के खरीददारों के लिए कश्मीरी बाजार में बिक्री के लिए सामग्री रखी जाएंगी। कहा कि यहां दुकानों एवं उसमें रखी वस्तुओं की वैरायटी भी अलग-अलग होती है। यहां हर कीमत की चादर, शॉल और ऊनी कपड़े बिकते हैं। लेदर के जैकेट, टोपी, दस्ताने और फर वाले जैकेट आदि की भी बिक्री होती है। कहा गया कि जाड़े में मेला की समाप्ति के एक माह बाद तक कश्मीरी बाजार में बिक्री होती रहती है।
मेले में इस बार पांच थियेटर
सोनपुर मेले में आने वाले देशी – विदेशी पर्यटकों एवं आम यात्रियों को इस बार पांच थियेटर मनोरंजन करेंगे। एक बाघ वाले बच्चा बाबू के हाता में, एक हथिसार में और तीन मेला नखास में थियेटर स्थल पर कार्य प्रगति पर है। इनमें तीन थिएटर अकेले थिएटर थाना के आगे सड़क के पश्चिम लगाये जा रहे हैं। गाय बाजार में शहीद महेश्वर चौक के निकट भी एक थियेटर लगता था, लेकिन अभी तक वहां जल जमाव है। इस कारण उक्त स्थल पर इस बार थिएटर लगेगा या नहीं कहा नहीं जा सकता।
पर्यटन विभाग परिसर में आधा दर्जन स्विस कॉटेज
सोनपुर मेले के अंग्रेजी बाजार प्रशासनिक शिविर एरिया में स्थित पर्यटन विभाग के भवन परिसर में देशी विदेशी – पर्यटकों के ठहरने के लिए स्विस कॉटेज का निर्माण प्रगति पर है। यहां छह कॉटेज का निर्माण हो रहा है। प्रत्येक कॉटेज में दो -दो पर्यटकों के ठहरने की सुविधा होगी। देशी -विदेशी पर्यटकों को मेलावधि में निर्धारित शुल्क पर यहां
कॉटेज उपलब्ध होगा। भोजन से लेकर घूमने तक के लिए गाइड उपलब्ध कराए जाते हैं।
अनेक विदेशी पर्यटक पटना एवं हाजीपुर में भी ठहरते हैं और मेला को अपने कैमरे में कैद कर वापस लौट जाते हैं। इन सब मे नेपाली पर्यटकों की कभी गणना नहीं की जाती, क्योंकि वे धार्मिक उद्देश्य से बसों में सवार होकर सैकड़ों की संख्या में बाबा हरिहरनाथ मंदिर पहुंचते हैं। जिनकी पूजा – पाठ के लिए यहां लाल मोहरिया पंडा तैनात रहते हैं। जिनके बारे में माना जाता है कि उन्हें नेपाल राजशाही से नेपाली हिंदुओं को पूजा पाठ करने और कराने का मुहर प्राप्त है।
यात्री शेड की हुई रंगाई – पुताई
सोनपुर मेला के गज -ग्राह चौक संगत ग्रैंड से सटे पश्चिम यात्री रैन बसेरा की रंगाई – पुताई की गई है।कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दिन और संपूर्ण मेलावधि में यहां यात्रियों का ठहराव होता है। इस यात्री शेड का शिलान्यास 10 अप्रैल 2003 को बिहार के तत्कालीन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रमई राम ने किया था। उन्हीं के हाथों 26 नवंबर 2004 को इस यात्री निवास का उद्घाटन भी किया गया था।
आर्ट एंड क्राफ्ट विलेज का हो रहा निर्माण
सोनपुर मेला की खूबसूरती को बढ़ावा देने में आर्ट एंड क्राफ्ट विलेज का बहुत बड़ा हाथ है। व्यवसायिक मेले का यह एक खूबसूरत जगह है, जहां परिवार संग मेलार्थी घूमते हैं। अपनी पसंद की वस्तुएं खरीदते हैं। सेल्फी प्वाइंट से मेला की खूबसूरती को अपने साथ शेयर करते हैं। बच्चे झूले पर सवार होकर मौज -मस्ती करते हैं और तरह -तरह के नाश्ते और भोजन का लुत्फ उठाते हैं। तेजी से इस स्थल पर कार्य चल रहा है।इस विलेज में पुरुष व महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री होती है। बांस शिल्प से बनी कलाकृतियां भी बिक्री होती हैं।
डीएम सहित प्रशासनिक अफसरों के शिविरों का निर्माण
सोनपुर के जिला परिषदीय डाक बंगला गांधी लैंड अंग्रेजी बाजार रोड में प्रशासनिक अधिकारियों के शिविर और पंडाल तनने शुरू हो गए हैं। कई अधिकारियों के तंबू गड़ गए। विदित हो कि, सारण प्रमंडल के कमिश्नर से लेकर मेला से जुड़े जिला स्तर के बड़े पदाधिकारियों के शिविर यहां लगते हैं। मेला प्रभारी का कंट्रोल रूम भी यहीं होता है। सारण पुलिस लाइन का भी मेलावधि भर यहां कैंप रहता है, जिसका निर्माण एक बड़े क्षेत्र में हो रहा है। यह पुलिस लाइन एसपी शिविर से जुड़ा होता है।
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