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सारण जिला में डेंगू के रोकथाम और जागरूकता के लिए मनाया जायेगा एंटी डेंगू माह

सिविल सर्जन और डीएमओ ने किया शुभारंभ

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार के सारण जिला में डेंगू की रोकथाम और जागरूकता को लेकर पूरे जुलाई माह में एंटी डेंगू माह मनाया जायेगा।

सारण के सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा और डीएमओ डॉ दिलीप कुमार सिंह ने 2 जुलाई को संयुक्त रूप से अभियान का शुभारंभ किया। इस महीने में गांव से लेकर शहर तक जलजमाव स्थल को चिह्नित कर वहां कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाएगा।

सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा ने 2 जुलाई को बताया कि घर के फ्रीज, कुलर, सड़क पर फेंके गए पुराने टायर, नारियल के डाभ से लेकर छत के गमला में डेंगू अधिक पनपने का खतरा है। सड़क पर नारियल का डाब नहीं फेंके जाएं व पुराने टायर भी खुला सड़क पर नहीं रखें। कुलर और गमला का पानी रोज बदलें। फ्रीज का गंदा पानी बॉक्स से बदलने की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए प्रचार – प्रसार करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि डेंगू के रोकथाम को लेकर विभाग पूरी तरह से सतर्क है। जिले में नगर निकाय और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा समन्वय स्थापित कर फॉगिंग किया जायेगा। इसके लिए जिलाधिकारी अमन समीर ने पहल करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों को भी नगर पंचायत से टैग किया है। सीएस ने बताया कि वर्ष 2023 में सबसे अधिक 823 केस, बीते वर्ष में 213 केस मिला था। अभी तक मात्र 5 केस मिला है। जिले में डेंगू के रोकथाम के लिए सभी आवश्यक तैयारी की गयी है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच के लिए कीट की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है।

एडीज मच्छर के काटने से होता है डेंगू

सीएस डॉ सिन्हा ने बताया कि एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है। यह मच्छर दिन में काटता है और स्थिर एवं साफ पानी में पनपता है। तेज बुखार, बदन, सिर एवं जोड़ों में दर्द और आंखों के पीछे दर्द हो तो सतर्क हो जाएं। त्वचा पर लाल धब्बे या चकते का निशान, नाक-मसूढ़ों से या उल्टी के साथ रक्तस्राव होना और काला पखाना होना डेंगू के लक्षण हैं। इन लक्षणों के साथ यदि तेज बुखार हो तो तत्काल सदर अस्पताल जाएं और अपना इलाज करवाएं।

उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को पहले डेंगू हो चुका है तो उसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे व्यक्ति दोबारा डेंगू बुखार की आशंका होने पर सरकारी अस्पताल या फिर डॉक्टर से संपर्क करें। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए सदर अस्पताल में 10 बेड, अनुमंडलीय अस्पताल में 5 बेड तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 2 बेड सुरक्षित रखा गया है। सभी बेड को मच्छरदानी युक्त रखने का निर्देश दिया गया है। संबंधित मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा की व्यवस्था सभी अस्पतालों में उपलब्ध है।

कहा गया कि डेंगू के मरीज की पुष्टि होने पर मरीज के निवास स्थान के 500 मीटर के रेडियस में फागिंग कराने का निर्देश दिया गया है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों द्वारा एक्टिव सर्विलांस कराने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि नए मरीजों की खोज की जा सके। कहा गया कि मेडिकल कॉलेज से समन्वय स्थापित कर प्लेटलेट्स की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

मौके पर जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार सुधीर कुमार, वीडीसीओ सतीश कुमार, वीडीसीओ पंकज तिवारी, सभी वीबीडीएस, पिरामल के प्रोग्राम लीड चंदन कुमार, पीओसीडी पंकज कुमार, सिफार के डीपीसी गनपत आर्यन, प्रोग्राम एसोसिएट कृष्णा सिंह समेत अन्य मौजूद थे।

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