कथारा क्षेत्र तीनों कोयला क्षेत्रों से अच्छा-डीएमएस
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में ऑफिसर्स क्लब कथारा में 6 फरवरी को वार्षिक क्षेत्रीय त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता पंकज कुमार जयसवाल, संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन कृष्ण मुरारी ने की।
यहां आयोजित त्रिपक्षीय खान सुरक्षा की बैठक में मुख्य रूप से कोडरमा रीजन के निदेशक खान सुरक्षा (डीएमएस) एनपी देवरी, डीडीएमएस माइनिंग नरेश तेजावत, डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल प्रवीण एस, सीसीएल मुख्यालय रांची के जीएम सेफ्टी एस के सिंह, कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक डी के गुप्ता, एरिया सेफ्टी ऑफिसर सी बी तिवारी, सीसीएल मुख्यालय रांची के आईएसओ अधिकारी रोहित कुमार चौधरी सहित सीसीएल सेफ्टी बोर्ड सदस्य लखनलाल महतो, क्षेत्रीय सेफ्टी सदस्य बतौर उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डीएमएस देवरी सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। साथ ही कोल इंडिया के कॉरपोरेट गीत एवं मृत कोल कर्मचारियों के निधन पर एक मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त किया गया। मौके पर सेफ्टी सदस्यों ने प्रबंधन के समक्ष खदान क्षेत्र में सुरक्षा से संबंधित समस्याओं को रखा।
इस अवसर पर सीसीएल सेफ्टी बोर्ड सदस्य सह एटक नेता लखन लाल महतो ने कहा कि खदानों में सुरक्षा के मामलों में ही कोताही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा क्षेत्र में ही जब ओभरमैन, माइनिंग सरदार की शोर्टेज है तो सुरक्षा की बात करना बेमानी लगता है। इम्तियाज खान ने कहा कि लोडिंग पॉइंट के आसपास सेल से जुड़े वाहनों की बेतरतीब लगने से सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा है।
इसमें सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया जाता है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बैठक में क्षेत्र की ओर से वार्षिक रिपोर्ट दिखाया गया है, इनमें क्षेत्र के माइंसों में अधिकारियों, कर्मचारियों व माइनिंग स्टाफों की कमी को नही दिखाया गया है।
क्षेत्रीय सेफ्टी सदस्य निजाम अंसारी ने कहा कि जारंगडीह बंद यूजी माइंस की ओर आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा ओबीआर गिराया जा रहा है। इसके किनारे गांव असनापानी, खेतको आदि आने-जाने का एकमात्र मुख्य सड़क है। यहां फेंसिंग अथवा बाउंड्री वाल की कमी है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग मजदूरों को बिना ट्रेनिंग कराए उनसे काम लिया जा रहा है। उन्हें परिचय पत्र भी निर्गत नहीं किया गया है।
इस पर ध्यान देने की जरूरत है। बैरिष्ठर सिंह तथा अरबिंद कुमार तिवारी ने बीते सोमवार को कथारा वाशरी के समीप हुए दुर्घटना का जिक्र करते हुए सुरक्षा मानको का पालन करने पर जोर दिया। कहा कि इससे बचाव के लिए कारगर कदम उठाने की जरूरत है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने खदान में समुचित लाइट की व्यवस्था करने, हॉल रोड की चौड़ीकरण करने पर बल दिया। साथ हीं आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा ब्लास्टिंग कर्मी को भी आई कार्ड नहीं दिया जाता है, इससे अस्पष्टता की स्थिति बनी रहती है।
इस अवसर पर उपरोक्त के अलावा बालगोबिंद मंडल, कृष्ण कुमार, अवधेश कुमार, इक़बाल अंसारी, विनोद बाउरी, केके बाउरी आदि ने भी सुरक्षा उपायों पर प्रकाश डाला।
सेफ्टी सदस्यों के उपरोक्त समस्याओं पर मुख्य अतिथि कोडरमा रीजन कि निदेशक खान सुरक्षा एनपी देवड़ी ने कहा कि कथारा क्षेत्र तीनों क्षेत्रों से अच्छा है। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र के लिए मैन पावर जरूरी है। इसके लिए प्रबंधन को ध्यान देने की जरूरत है। तभी सेफ्टी मानक ठीक हो पाएगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी तथा आउटसोर्सिंग कामगारों को समय समय पर ट्रेनिंग बहुत जरूरी है। ट्रेनिंग के बारे में जल्दी से जल्दी प्लान बना कर कार्य करें। और आउटसोर्सिंग कर्मियों को समय समय पर ट्रेनिंग देते रहना होगा। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि कोई मोटरसाइकिल माइंस क्षेत्र में पाया जाता है तो उसे सेफ्टी अधिकारी देखे और उसके प्रवेश पर रोक लगाएं।
डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल (धनबाद) प्रवीण एस कहा कि टेक्निकल व्यवस्था बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में आपके विचार के अनुसार मेन पावर में विभागीय कमी आई है। आज की तिथि में आउटसोर्सिंग पर ही कार्य पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। कहा कि मेडिकल की व्यवस्था में सुधार लाने की है।
इसे लेकर कोल इंडिया में वर्ष 2010 में निर्देश निकला था कि मेकनिकल ओल्ड इक्यूपमेंट को ठीक रखें। खासकर तमाम कर्मियों के ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान देना होगा, जो आउटसोर्सिंग पर भी लागू होगी। कहा कि पीट सेफ्टी मीटिंग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कहा कि सुरक्षा पर विशेष ध्यान देकर जागरुकता बढ़ाना चाहिए।
मुख्यालय रांची के जीएम सेफ्टी एसके सिंह ने कहा कि कथारा के प्रति उनका सोंच अच्छा है। फिर भी यहां काफी कमियां हैं। कड़ाई से इसका पालन करें। कहा कि आउटसोर्सिंग में आई कार्ड एप्रुब्ड हो जाएगा। कमियां बहुत है उसे सुधारने की आवश्यकता है। सिर्फ खाना पूर्ति से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए पीट मीटिंग को धारदार बनाएं। हर कमियों को दूर कर स्थिति को समय समय पर सेफ्टी अधिकारी को ध्यान देने की आवश्यकता है।
कथारा महाप्रबंधक डी के गुप्ता ने कहा कि दो-तीन चीज पर ध्यान देना जरूरी है। पीएमई के लिए सभी सेफ्टी अधिकारी को मैक्सिमम 5 से 6 दिन में रिपोर्ट आ जाना चाहिए। कहा कि उन्हें आश्चर्य होता है कि रिपोर्ट आने में चार- पांच महीना लग रहा है। उन्होंने माइनिंग सरदार, ओभरमैन मेन पावर की कमी को मुख्यालय रांची से बात कर उसे दूर करने का आश्वासन दिया।
कहा कि इसके लिए समय समय पर सेफ्टी अधिकारी को मैक्सिमम माइंस में ध्यान देने होंगे। सबों को कार्य पद्धति पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि सेफ्टी पर जो खर्च होता है उसपर आत्म मंथन की आवश्यकता है।
यहां प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक उत्खनन जे. एस. पैकरा, क्षेत्रीय प्रबंधक खान सेफ्टी सीबी तिवारी, स्वांग-गोविंदपुर फेस-टू परियोजना के पीओ ए. के. तिवारी, कथारा कोलियरी पीओ डी. के. सिन्हा, जारंगडीह पीओ पी. गुईन, क्षेत्रीय प्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन जयंत कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक असैनिक ए. के. सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक विद्युत एवं यांत्रिक बिपिन कुमार, क्षेत्रीय वित्त प्रबंधक राजेश कुमार, एसओ एमएम जी नाथ, क्षेत्रीय प्रबंधक भूमि एवं राजस्व अर्जुन कुमार प्रसाद, क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता, आदि।
एएमओ एमएन राम, कोलियरी मैनेजर बाल गोबिंद नायक, कृष्ण मुरारी, मनोज कुमार, अमरेश प्रसाद, अनीस कुमार दिवाकर, संतोष कुमार, चंदन कुमार, राहुल सिंह, जे. पी. शुक्ला, निवारण केवट, महेश प्रसाद जबकि यूनियन की ओर से क्षेत्रीय सेफ्टी सदस्य इम्तियाज खान, निजाम अंसारी, अरबिंद कुमार तिवारी, बैरिष्टर सिंह, बालगोबिंद मंडल, कृष्ण कुमार, अवधेश कुमार, इक़बाल अंसारी, के. के. रावत, के. के. बाउरी, आयटसोर्सिंग कंपनी बीएलए (आरए माइनिंग) गोबिंदपुर फेज मैनेजर एस. के. सिंह, बीकेबी इंचार्ज आरके यादव सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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