सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। झारखंड ड्राइवर महासंघ के नोवामुंडी प्रखंड अध्यक्ष मंगल सिंह पूर्ति की अध्यक्षता में सीमावर्ती झारखंड एवं ओडिशा क्षेत्र के ड्राइवरों की बैठक 26 नवम्बर को हुई। बैठक का आयोजन मेघाहातुबुरु खेल मैदान में आयोजित किया गया था।
बैठक में सेल, टाटा स्टील समेत विभिन्न कंपनियों, निजी वाहन मालिकों के वाहनों को चलाने वाले ड्राइवरों की समस्याएं सुनी गईं। ड्राइवरों ने बताया कि उनका हर जगह शोषण किया जाता है। खदानों में चलने वाले प्राइवेट वाहनों के मालिक अथवा ठेकेदार ड्राइवरों के खाते में न्यूनतम मजदूरी का पैसा तो डाल देते हैं, लेकिन अगले दिन खाते से कुछ पैसा निकलवा कर मांगते हैं।
जो ड्राइवर पैसा नहीं देते हैं, उन्हें काम से हटा दिया जाता है। इसके अवाले ड्राइवरों को बिना गलती या वजह के काम से हटाकर दूसरे ड्राइवर को रख लिया जाता है। कहा गया कि सड़कों पर ड्राइवर निरंतर आम राहगीरों द्वारा गाली-गलौज, मारपीट के शिकार होते हैं।
सुदूर क्षेत्र में वाहन खराब होने पर वाहन मालिक उन्हें उनके हाल पर छोड़ देते हैं। ड्राइवरों को न्यूनतम मजदूरी आदि भी नहीं दी जाती है। बैठक में ऐसे विभिन्न समस्याओं को रखा गया। इसके खिलाफ संगठित होकर लड़ाई लड़ने की बात कही गई।
इस अवसर पर ड्राइवर महासंघ ने सभी ड्राइवरों को इस संगठन से जुड़ने की अपील की, ताकि उनकी ताकत बढे़ और कोई शोषण नहीं कर सके। बैठक में झारखंड ड्राइवर महासंघ के उपाध्यक्ष शंभू हांसदा, सचिव धीरेन्द्र सिंह, कोषाध्यक्ष मोहन लागुरी के अलावे नोवामुंडी, गुआ, बड़ाजामदा, बराईबुरु, किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, करमपदा एवं ओडिशा ड्राइवर महासंघ से जुड़े ड्राइवर शामिल हुए।
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