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हम सभी के दादा-दादी व् नाना-नानी अनमोल रतन है-जीएम

कार्मल स्कूल करगली में दादा-दादी एवं नाना-नानी कार्यक्रम का आयोजन

एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में करगली स्थित कार्मल स्कूल में 18 दिसंबर को दादा – दादी एवं नाना-नानी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के जीएम संजय कुमार झा, विशिष्ठ अतिथि हजारीबाग से आए फादर जारलेक जोसेफ, कार्मल स्कूल की पूर्व प्राचार्या सिस्टर जोसमाइन थानी, निवर्तमान वार्ड पार्षद रश्मि सिंह, कार्मेल उच्च विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर शेरीन जोसेफ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। बच्चों ने अतिथियो, दादा-दादी एवं नाना-नानी का शानदार ढंग से स्वागत किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि जीएम झा ने कहा कि दादा-दादी एवं नाना नानी हम सभी के लिए अनमोल रतन है। उन्होंने कार्मल स्कूल में विद्यार्थियों को मिलने वाले अनुशासित, सुरक्षित एवं उत्कृष्ट शैक्षिक वातावरण की प्रशंसा की। कहा कि विद्यालय द्वारा प्रदान किया जाने वाला माहौल बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयुक्त है। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में शामिल दादा -दादी एवं नाना -नानी से आग्रह किया कि वे अपने नाती -पोतों से हमेशा जुड़े रहें। बुजुर्गों और बच्चों का यह संबंध संस्कार, प्रेम और सीख का अमूल्य आधार है। कहा कि वर्तमान परिस्थिति में शिक्षा की गुणवत्ता जरूरी है और यह समाज के विकास के लिए भी अहम है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की मेरूदण्ड या आधार उनके शिक्षक व विद्यालय की संरचना होती है।

यहां बच्चों ने रंगारंगा कार्यक्रम की प्रस्तुति से समां बांध दिया। एक से बढ़कर एक गीत व ग्रुप डांस की प्रस्तुति से बच्चों ने सबका मन मोह लिया। उपस्थित तमाम जनों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कार्यक्रम प्रस्तुत करनेवाले बच्चों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर अतिथियो के द्वारा विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौके पर सीसीएल ढोरी क्षेत्र के महाप्रबंधक सह विभागाध्यक्ष ईएंडएम गौतम मोहंती, बीएंडके क्षेत्र के महाप्रबंधक सह विभागाध्यक्ष ईएंडएम जयशंकर प्रसाद, विभागाध्यक्ष मानव संसाधन विनय रंजन टुडु, प्रबंधक एचआर पी एन सिंह, मेरा बचपन प्ले स्कूल करगली के निर्देशक जयेश, प्राचार्या रूबी राठौर सहित यूनियन नेता उदय सिंह, चिकू सिंह, शशि रंजन सिंह व् सैकड़ो की संख्या में दादा – दादी एवं नाना – नानी के अलावे शिक्षक-शिक्षिका आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।

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