राज्य में कानून व्यवस्था चौपट, अपराधी बेलगाम-अयुब खान
एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची के दलादली चौक पर माकपा कार्यालय में घुसकर माकपा के युवा योद्धा कॉमरेड सुभाष मुंडा की गोली मारकर हत्या करने के विरोध में माकपाईयों ने 27 जुलाई को पेंशनर समाज परिसर से इंदिरा गांधी चौंक तक आक्रोशपूर्ण रैली निकालकर प्रदर्शन किया। नेतृत्व लातेहार जिला सचिव सुरेंद्र सिंह व् कामता पंचायत समिति सदस्य सह पार्टी नेता अयुब खान संयुक्त रूप से कर रहे थे।
रैली में कॉ सुभाष मुंडा के हत्यारों को गिरफ्तार करो, झारखंड पुलिस होश में आओ, हेमंत सरकार होश में आओ, राज्य में कानून व्यवस्था बहाल करो जैसे नारा प्रदर्शनकारी लगा रहे थे।
इस अवसर पर जिला सचिव सुरेंद्र सिंह ने इंदिरा गांधी चौंक मे प्रदर्शन मे शामिल आमजनों को संबोधित करते हुए कहा कि सीपीआई (एम) के राज्य कमिटी सदस्य और भारत की जनवादी नौजवान सभा के युवा योद्धा कॉ मुंडा की अज्ञात अपराधियों ने रांची के दलादली चौक पर स्थित आफिस में गोली मारकर हत्या कर दी। इस हत्याकांड से राज्य की जनता काफी आक्रोशित हैं।
उन्होंने कहा कि सुभाष मुंडा सीपीएम प्रत्याशी के रुप में हटिया से दो बार और मांडर विधानसभा के लिए हुए हाल ही के उप चुनाव मे सीपीएम उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। उनकी हत्या से पार्टी को भारी नुकसान हुआ है। माकपा इस कायरतापूर्ण जघन्य हत्या की कड़ी भर्त्सना करते हुए रांची पुलिस और राज्य के मुख्यमंत्री से मांग करती है कि अविलंब एक एसआईटी का गठन कर कॉ मुंडा के हत्यारों को गिरफ्तार किया जाए।
पंचायत समिति सदस्य सह पार्टी के वरिष्ठ नेता अयुब खान ने कहा कि राज्य में अपराधी बेलगाम हो गए हैं। हथियार की जगह पर सरकार हेलमेट जांच करा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था अपराधियों के हांथ में चली गई है। अपराधकर्मी सरेआम भीड़भाड़ चौक और शहर में आम व् खास को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर रहें हैं। हेमंत सोरेन की राज्य में आम जनों मे असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है।
खान ने कहा कि लाल झंडे के युवा योद्धा सुभाष मुंडा की शहादत को ब्यर्थ नही होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुभाष मुंडा रांची के रातू – नगड़ी इलाके के लोकप्रिय और संघर्षशील युवा संगठनकर्ता थे, जो जनवादी नौजवान सभा और आदिवासी अधिकार मंच के बैनर तले आदिवासियो और अन्य गरीबों के हक और अधिकार की रक्षा के लिए सदा तत्पर रहते थे।
उन्होंने दो बार हटिया विधानसभा और एक बार मांडर विधानसभा से चुनाव भी लड़ा था। जिसमें उन्हें अच्छे मत प्राप्त हुए थे। उस क्षेत्र में आदिवासी जनता के विभिन्न सवालों पर वे लगातार आंदोलन के लिए मैदान में डटे रहते थे, जिसके चलते उस इलाके के निहित स्वार्थी तत्व और आदिवासियों की जमीन हड़पने वाले भू माफियाओं की नजर में खटकने लगे थे।
खान ने कहा कि शहीद सुभाष मुंडा की कुर्बानी इस इलाके के आदिवासियों और गरीबों को प्रकाश स्तम्भ की तरह संघर्ष के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेगी। प्रदर्शन के पश्चात एक मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
रैली प्रदर्शन मे जिला सचिव सुरेंद्र सिंह, पंचायत समिति सदस्य सह वरिष्ठ नेता अयुब खान, अंचल सचिव बैजनाथ ठाकुर, शोभन उरांव, अजीज अंसारी, सनीका मुंडा, गोपी गंझु, पिंतूस भेंगरा, रौशन बारला, नरेश उरांव, बबलू उरांव, मनु उरांव, ललन राम, रसीद मियां, नसीम खान, बादशाह खान समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे।
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