प्रहरी संवाददाता/मुंबई। दुनिया भर में चर्चित भारतीय साहित्यकारों में से एक और ज्ञानपीठ से सम्मानित पंजाबी साहित्यकारा अमृता प्रीतम ने अपनी कहानियों में साधारण चरित्रों के मुहब्बत की असाधारण दास्तान की बयानी की है।
उनकी कहानियों में ऐसे मर्मस्पर्शी दृश्य एवं संवाद हैं जो व्यथित और विकल कर देते हैं और कहानी अंत तक पहुंचते-पहुंचते एक ऐसी कसक दे जाते हैं जो आपकी संवेदना को बड़ी शिद्दत से उभार देता है।
ऐसी ही अनुभूति रविवार की शाम गोरेगांव मुम्बई के मृणालताई गोरे सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों, रंगकर्मियों और साहित्यप्रेमियों को अमृता प्रीतम कहानियां सुनकर हुई। पंजाबी की पहली कवयित्री अमृता की कहानियों का वाचन सभागार में हिंदी और मराठी के दर्शकों ने भाव विभोर होकर सुनीं।
‘भाषाओं की गली से’ नाम से हुए इस का कार्यक्रम का आयोजन चित्रनगरी संवाद मंच मुम्बई ने बीइंग एसोसिएशन (Being Association) और केशव गोरे स्मारक ट्रस्ट की सहायता से की। रंगकर्मी रसिका आगाशे और उनके साथी कलाकारों ने अमृता प्रीतम की चार कहानियों का अभिवाचन किया।
श्रोताओं में शायर देवमणि पांडेय,नवीन जोशी नवा, मराठी लेखिका डॉ स्मिता दातार, अभिनेता शैलेंद्र गौड़, रंगकर्मी अशोक शर्मा, रवि यादव, संगीतकार हुमायूं कबीर औरसिद्धार्थ शांडिल्य जैसे कई गणमान्य लोग मौजूद थे। इस अवसर पर अभिनेता विक्रम गोखले को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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