
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के निकटवर्ती वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर नगर के टाउन गर्ल्स मिडिल स्कूल में 15 जुलाई को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का गुरु वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
महासंघ के बिहार – झारखंड के क्षेत्र प्रमुख डॉ पंकज कुमार ने इस अवसर पर गुरु वंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा एक राष्ट्रीय दायित्व है, जिसका निर्वाह पूरी ईमानदारी के साथ किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि योग्य छात्र ही देश के भविष्य हैं और वे ही आने वाले समय में ज्ञान विज्ञान की दिशा तय करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार ने की। इससे पूर्व महासंघ के प्रमुख कार्यकर्ता एवं शिक्षक पप्पू कुमार सिंह ने विषय प्रवेश करते हुए प्राचीन भारत के वेदव्यास जैसे गुरुओं की चर्चा की, जिन्होंने ज्ञान की रोशनी से पूरे ब्रह्मांड को प्रकाशमय किया था।
यहां वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार सुरेन्द्र मानपुरी ने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि गुरु शिष्य परंपरा क्या है, इसे जानने के लिए पूरी दुनिया को भारत की ओर रुख करना पड़ेगा। कहा कि एक योग्य शिष्य अपने योग्य गुरु का विस्तार होता है। गुरु हमेशा यही कामना करता है कि वह खुद झोपड़ी में रहे, किंतु उसका शिष्य महलों की शोभा बने। गुरु से ज्ञान के लिए शिष्य के भीतर श्रद्धा और विश्वास का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भावना जब परिपक्व होती है तो श्रद्धा का रूप ले लेती है और ज्ञान की परिपक्वता ही विश्वास है।

कहा कि हम विदेशी विद्वानों की पुस्तकों की बात-बात में चर्चा करने के अभ्यस्त हो चुके हैं, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भारतीय मस्तिष्क के समक्ष दुनिया के किसी भी देश का मस्तिष्क थोड़ी देर भी टिकने की क्षमता नहीं रखता।
महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार ने समापन वक्तव्य दिया तथा कार्यक्रम में आए सभी शिक्षकों और अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में शिक्षक धनंजय मिश्रा समेत अनेक शिक्षकगण उपस्थित थे।
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