प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। दक्षिण अफ्रीका के कैमरून में फंसे झारखंड के सभी पांच प्रवासी मजदूरों की वतन वापसी आगामी एक दिसंबर को होगी। सभी प्रवासी मजदूरों को बकाया वेतन का भुगतान हो गया है।
बताया जाता है कि प्रवासी मजदूरों को बीते तीन-चार माह से वेतन नहीं मिलने के कारण परेशान मजदूरों द्वारा वीडियो वायरल किया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद झारखंड प्रवासी नियंत्रण कक्ष के माध्यम से भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद मजदूरों की वार्ता हुई। बकाया वेतन का भुगतान के साथ वतन वापसी का भी रास्ता साफ हो गया है। इसे लेकर मजदूरों के परिजनों ने झारखंड सरकार एवं समाजसेवी सिकन्दर अली के प्रति आभार जताया है। साथ-साथ मीडिया कर्मियों का आभार जताया हैं।
बताते चले कि मजदूरों के विदेश में फंसे होने की जानकारी मिलते ही परिजनों की चिंता बढ़ गई थी। वे सरकार से मजदूरों की वापसी की मांग कर रहे थे। कैमरून में फंसे मजदूरों में हजारीबाग जिला के हद में विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के ऊंचाघना रहिवासी सुनील महतो, सुकर महतो, करगालो रहिवासी चंद्रशेखर कुमार, डीलों महतो व गिरिडीह जिला के हद में डुमरी रहिवासी दिलचंद महतो शामिल हैं।
मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकंदर अली को मजदूरों ने वीडियो भेजा था। मजदूरों द्वारा भेजे गये वीडियो को अली ने मीडिया के साथ शेयर किया था।उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मजदूरों के सकुशल वतन वापसी के लिए ठोस कूटनीतिक पहल करने की मांग की थी।
झारखंड सरकार व केन्द्र सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए सभी मजदूरों की वतन वापसी करायी।
प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सिकन्दर अली ने बताया कि रोजी-रोटी के लिए झारखंड के युवा विदेश और परदेश की ओर रूख करते हैं।इस दौरान कई घटनाएं घटित होती हैं, जो काफी दर्दनाक होती है। न चाहते हुए भी इंसान को जीविकोपार्जन के लिए घर से बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
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