एस. पी. सक्सेना/बोकारो। लंबे अंतराल से बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा कोल वाशरी में रिजेक्ट तथा स्लरी का उठाव बाधित था। कंपनी के स्टॉक में लाखों लाख टन रिजेक्ट तथा स्लरी स्टॉक हो गया था। वित्तीय वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 में बड़े मात्रा में स्लरी और रिजेक्ट का उठाव किया गया और हो रहा है। रिजेक्ट पॉइंट से रिजेक्ट का उठाव तथा स्लरी पॉइंट से स्लरी का उठाव किया जा रहा है।
लोडिंग पॉइंट से जब गाड़ी लोड होकर कांटा के लिए आती है तो आवंटन के हिसाब से गाड़ी का वजन होता है। अतिरिक्त रिजेक्ट कोयला जो गाड़ी में अधिक होता है उसे खाली स्थान पर उतार दिया जाता है। उतारे गए रिजेक्ट चारों तरफ पड़ा है, उसे एक जगह इकट्ठा करवा कर लोड किया जा रहा है। बिखरे रिजेक्ट को लोडिंग पॉइंट पर इकट्ठा किया गया। वहां से पुनः सेल में लोड हो रहा है।
जिस स्थान से रिजेक्ट लोड हो किया जा रहा है, वहां कभी भी सीसीएल वाशरी प्रबंधन द्वारा स्लरी पॉइंट नहीं बना था। कुछ तथाकथित इस मामले को बेवजह तूल देकर ब्लैकमेल करने के प्रयास से गलत तरीके से आरोप लगा रहे हैं, जिससे कंपनी का तो नुकसान होगा ही राज्य सरकार के रेवेन्यू पर भी असर पड़ेगा। उक्त बातें 13 जुलाई को इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन कथारा क्षेत्रीय अध्यक्ष सह बेरमो विधायक प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
यूनियन पदाधिकारी सिंह ने कहा कि जो लंबे अंतराल से कंपनी के स्टॉक में रिजेक्ट और स्लरी पड़ा था उसका जो उठाव हो रहा है। उसके उठाव से कंपनी को वित्तीय लाभ हो रहा है। यह तथाकथित कुछ सफेदपोस प्रवृत्ति के बुद्धिजीवीयों को पच नहीं रहा है। वैसे तथाकथित अपनी गलत मंशा से कंपनी, डीओ धारक और ट्रक मालिकों का शोषण करना चाहते हैं, जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आरसीएमयू क्षेत्रीय अध्यक्ष अजय कुमार सिंह व् क्षेत्रीय सहायक सचिव दयाल यादव ने कहा कि कंपनी के उत्पादन और डिस्पैच पर ही लाभांश का मापदंड होता है। प्रोडक्शन के अनुसार श्रमिकों का वेलफेयर एक्टिविटीज भी समाहित है। गलत तत्वों की मंशा कभी सफल नहीं होगी। श्रमिक भावना के साथ खिलवाड़ भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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