एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। वैशाली जिला (Vaishali district) के हद में तिसिऔता के दलित युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी, बहन-बेटियों की सुरक्षा की मांग को लेकर आइसा ने 31 दिसंबर को समस्तीपुर में प्रतिरोध मार्च निकाला।
आइसा कार्यकर्ताओं ने समस्तीपुर शहर के स्टेडियम गोलंबर पर ईकट्ठा होकर अपने- अपने हाथों में मांगों से संबंधित नारे लिखे तख्तियां, झंडे, बैनर लेकर प्रतिरोध मार्च निकाला, जो मुख्य मार्गो का भ्रमण करते हुए अंबेडकर स्थल पहुंचकर मार्च सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता आइसा जिलाध्यक्ष लोकेश राज ने किया।
यहां महिला नेत्री द्रख्शा जबीं, मनीषा कुमारी, दीपक यदुवंशी, रविरंजन कुमार, अभिषेक कुमार, अनील कुमार, धीरज कुमार, राजू झा, निक्की कुमारी, ऐपवा के जिलाध्यक्ष बंदना सिंह, भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने सभा को संबोधित किया।

सभा को संबोधित करते हुए आइसा जिला सचिव सह राज्य उपाध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बेटी बचाओ का नारा झूठा है। बेटी बचाने की बात तो दूर सत्ताधारी भाजपा- जदयू नेता बेटियों के दुष्कर्मी- हत्यारे को संरक्षण देकर बचाने में लगे रहते हैं।
उन्होंने कहा कि वैशाली में दबंगों ने जिस प्रकार दलित लड़की को सरेआम उठाकर ले गया, सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दिया, इससे मानवता शर्मशार है।
तथाकथित सुशासन की सरकार एवं प्रशासन आरोपियों को गिरफ्तार कर सजा दिलाने के बजाय उसे बचाने में लगी है। यह सुशासन की सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन तेज किया जाएगा।
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