चार सलाना स्नातक कोर्स बिहार के लिए खतरनाक, आइसा करेगा आंदोलन
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। आइसा बिहार राज्य परिषद की दो दिवसीय बैठक 25 अगस्त से समस्तीपुर शहर के बीआरबी कॉलेज में शुरू किया गया। बैठक की अध्यक्षता आइसा राज्य अध्यक्ष प्रीति कुमारी तथा संचालन राज्य सचिव सबीर कुमार ने किया।
जानकारी के अनुसार उक्त बैठक में मुख्य अतिथि बतौर आइसा के राज्य प्रभारी सह भाकपा (माले) केंद्रीय कमिटी सदस्य अभ्युदय, राष्ट्रीय महा सचिव प्रसेनजीत शामिल हुए। इस अवसर पर बैठक को संबोधित करते हुए आइसा के प्रभारी कॉमरेड अभ्युदय ने कहा की आज मोदी सरकार सबसे ज्यादा संविधान और लोकतंत्र पर हमला कर रही है।
आज कई तरह के कानून बदले जा रहे है। उन्होंने कहा की आज सबसे ज्यादा हमला अल्पसंख्यक, दलित महिला पर बढ़ा है। मॉब लिंचिंग की घटना में काफी बढ़ोतरी हुई है। दिन प्रतिदिन महिलाओं के ऊपर बलात्कार की घटना बढ़ती जा रही है।

देश में लोकसभा के चुनाव में भाजपा के खिलाफ जनादेश मिला है, उसके बाद भी मोदी सरकार अपनी फासीवादी ताकतो की फौज के साथ देश के छात्र-युवा, महिलाएं, नौजवानों पर हमला हो रहा है जो पूरे देश को गर्त में ले जा रहा है।
अभ्युदय ने कहा कि नौजवानों का सबसे बड़ा सवाल रोजगार हो गया है। आज रोजगार पर भी हमला तेज हो गया है। आज बिहार के लिए सबसे मजबूत प्रश्न शिक्षा और रोजगार का हो गया है। जिसके खिलाफ आइसा को आगे बढ़कर लड़ना होगा। उच्च शिक्षा में छात्रों के सहभागिता बढ़ाने और सुविधा की ढ़ोल पीटने वाली बिहार सरकार आज पीजी में छात्रों का नामांकन सुनिश्चित नही कर पा रही है।
बैठक में विस्तार से नई शिक्षा नीति 2020 पर चर्चा की गयी। इसके खिलाफ हुए संसद मार्च और विधान सभा मार्च की समीक्षा, बिहार में चले छात्र आंदोलन की समीक्षा चल रही है। कहा कि आइसा आगामी दिनों में शिक्षा-रोजगार के सवालों को लेकर मजबूत आंदोलन करेगी।
उक्त बैठक में लोकेश राज, अजय कुमार, मयंक कुमार, विकास कुमार, मनीषा कुमारी, प्रवीण कुमार, प्रिंस पासवान, नीरज कुमार, रौशन कुमार, पावेल कुमार, कौशिक कुमार, दीपक कुमार, फरमान, अभिषेक, द्राक्षा जबी, विकास यादव, प्रिंस राज, सोनू, नवीन, मोहम्मद फैज सहित बिहार भर से राज्य परिषद के सैकड़ो सदस्य मौजूद रहे। उक्त जानकारी आइसा समस्तीपुर जिलाध्यक्ष लोकेश राज ने दी।
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