एनटीपीसी के 20 गुना एवं ग्रुप डी का सिंगल परीक्षा शेड्यूल जारी करो-आइसा
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। आइसा (Aisa) के नेतृत्व में 3 फरवरी को दर्जनों आरआरबी एनटीपीसी (RRB NTPC) एवं ग्रुप डी के अभ्यर्थी रेलवे बोर्ड द्वारा गठित जांच टीम के देर शाम समस्तीपुर आगमन पर विरोध जताया।
आइसा जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा कि बोर्ड द्वारा गठित जांच टीम रेलवे अभ्यर्थियों से पक्ष जानने को लेकर समस्तीपुर डीआरएम (Samastipur DRM) कार्यालय पहुंचे, लेकिन अभ्यर्थियों को इसकी कोई सूचना नहीं दिया गया था।
जिससे गुस्साए अभ्यर्थियों ने आइसा के नेतृत्व में जांच टीम का विरोध जताते हुए आरआरबी एनटीपीसी के 20 गुना परिणाम जारी करने एवं ग्रुप डी में सिंगल परीक्षा आयोजित करने की घोषणा कर नियुक्ति करने तथा खाली पड़े सीट अविलंब बहाली प्रक्रिया निकालने की मांग कर रहे थे।
विदित हो कि आरआरबी एनटीपीसी में स्नातक एवं इंटर स्तरीय अलग-अलग परीक्षा आयोजित होती थी। इस बार एक ही साथ इंटर व स्नातक स्तरीय परीक्षा ली गई है तथा एक अभ्यर्थी को कई पदों पर रिजल्ट प्रकाशित कर 20 गुना रिजल्ट गिनाई जा रही है।
वहीं ग्रुप डी में डबल परीक्षा लेने की नया नोटिफिकेशन (New Notification) जारी कर रेलवे बोर्ड एवं सरकार (Government) छात्रों को नौकरी से बेदखल करने व पूरे रेलवे को निजीकरण करने की साजिश रच रही हैं।
आक्रोशित अभ्यर्थियों ने कहा कि रेल मंत्री द्वारा जांच टीम गठित कर रेलवे अभ्यर्थियों का मजाक उड़ा रही है। आरआरबी एनटीपीसी एवं ग्रुप डी के अभ्यर्थियों को कोई सूचना नहीं।
न कोई संस्थान एवं तैयारी करने वाले स्टडी सेंटर को है और जांच टीम समस्तीपुर पहुंची है। ये कैसे छात्रों का पक्ष जानेंगे। कैसे छात्र हित में निर्णय लेंगे। ये रेलवे बोर्ड एवं जांच टीम पर गंभीर सवाल है।
उपस्थित आइसा जिलाध्यक्ष लोकेश राज, रवी रंजन कुमार, सोनू कुमार, गुड्डू कुमार, लालू कुमार, दीपक यदुवंशी समेत अन्य कई छात्र जांच टीम से मिलने को उपस्थित हैं, लेकिन छात्रों से अधिकारियों की टीम द्वारा नहीं मिलने के खिलाफ छात्रों ने डीआरएम गेट पर प्रदर्शन शूरू कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों द्वारा बुलावा पर आइसा की टीम जिला सचिव सुनील कुमार, जिलाध्यक्ष लोकेश राज के नेतृत्व में केंद्रीय अधिकारियों से मिलकर रेलवे परीक्षार्थी के मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखा। इस दौरान किसी ने रेल पुलिस द्वारा छात्रों की गिरफ्तारी की चर्चा कर दी। इससे माहौल गर्म हो गया।
डीआरएम कार्यालय की ओर आइसा, माले के नेता लगातार पहुंचने लगे। मौके पर माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने उपस्थित अधिकारियों से वार्ता कर वार्ता के बाद जल्द छात्रों को बाहर भेजने की मांग की। करीब एक घंटा बाद आइसा की टीम बाहर आई तो उपस्थित आंदोलनकारियों ने राहत की सांस ली।
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